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महराजगंज के सिसवा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सोनबरसा में विकास कार्यों में हुए लाखों के भ्रष्टाचार को दबाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई न होने पर 5 फरवरी 2026 से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की गई है।
जिलाधिकारी से शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण
Maharajganj: विकास खंड सिसवा अंतर्गत ग्राम सोनबरसा में ग्राम विकास कार्यों में हुए कथित भ्रष्टाचार का मामला एक बार फिर गरमा गया है। ग्रामीणों ने ब्लॉक अधिकारियों, ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव पर मिलीभगत कर लाखों रुपये के गबन का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि जांच में भ्रष्टाचार पाए जाने के बावजूद दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम सोनबरसा में कराए गए विकास कार्यों की जांच पूर्व में जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा की गई थी, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आई थीं। इसी के चलते ग्राम प्रधान की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां सीज भी की गई थीं। बावजूद इसके, दोषियों के विरुद्ध अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
आरोप है कि 17 जनवरी 2026 को की गई जांच पूरी तरह एकतरफा रही। जांच टीम ने न तो ग्रामीणों से बयान लिया और न ही मौके की निष्पक्ष पड़ताल की। ग्रामीणों का कहना है कि दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को बचाने के लिए गलत रिपोर्ट लगाकर मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
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ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 20 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत के संचालन के लिए प्रस्तावित त्रिस्तरीय समिति का चयन होना था, लेकिन भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के उद्देश्य से बिना सूचना दिए यह प्रक्रिया रोक दी गई।
मामले से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 4 फरवरी 2026 तक निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई, लूटी गई धनराशि की रिकवरी और ग्राम प्रधान को जेल नहीं भेजा गया, तो 5 फरवरी 2026 से जिला मुख्यालय महराजगंज पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में गलत जांच करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई, विकास कार्यों में गबन की गई धनराशि की रिकवरी, ग्राम संचालन हेतु त्रिस्तरीय समिति का गठन, शिकायतकर्ता संजय निषाद के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वालों पर बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजना शामिल है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी कहा है कि भूख हड़ताल के दौरान यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। फिलहाल, ग्राम सोनबरसा का यह मामला जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।