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मिलावटखोरों पर प्रशासन सख्त (फोटो: डाइनामाइट न्यूज़)
Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में मिलावटी और मानकविहीन खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण और लाइसेंस सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिया कि बाजार, होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर नियमित जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराने और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
DM ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में नियमित निरीक्षण करने और भोजन के नमूने जांच के लिए भेजने को कहा, ताकि बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके।
बैठक में युवाओं के बीच बढ़ते फूड सप्लीमेंट के इस्तेमाल पर भी चिंता व्यक्त की गई। जिलाधिकारी ने बाजार में बिक रहे विभिन्न कंपनियों के फूड सप्लीमेंट के नमूने लेकर उनकी लैब जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई उत्पाद तय मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता और कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही औषधि निरीक्षक को सीमावर्ती क्षेत्रों में दवाओं की गुणवत्ता की नियमित जांच करने और जनऔषधि केंद्रों पर निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने को कहा।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. उपाध्याय ने बताया कि जिले में अब तक 1,114 खाद्य लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं, जबकि 6,069 खाद्य प्रतिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है।उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 201 मामलों का निस्तारण कर 27.62 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून तक 73 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 53 मामलों का निस्तारण करते हुए 8.06 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला गया। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
Location : Maharajganj
Published : 7 July 2026, 9:27 PM IST
Topics : DM Maharajganj Food Adulteration Food Safety Food Safety Department Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़)