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जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में की समीक्षा बैठक (Img: Dynamite News)
Deoria: जिले में चल रही निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सीएमआईएस से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर डीएम ने तीन अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही दो ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भी जारी किया।
समीक्षा के दौरान कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता जल निगम (नगरीय) और जिला पर्यटन अधिकारी का एक-एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान परासी-चकलाल मार्ग निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया। वहीं भुजौली कॉलोनी में जल निगम की निर्माणाधीन परियोजना में देरी को गंभीर मानते हुए वहां के संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि निर्माण कार्यों में देरी और गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जीएसटी कार्यालय सहित सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी बाधाएं हों, उनका तत्काल समाधान कराया जाए।
बैठक में डीएम ने मेडिकल कॉलेज की निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्य में तेजी लाने, ट्रॉमा सेंटर का जल्द हैंडओवर सुनिश्चित करने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Location : Deoria
Published : 7 July 2026, 7:00 PM IST