UP Floods: गंगा-यमुना का रौद्र रूप! यूपी के कई शहरों में घुसा पानी, बाढ़ के खतरे से अलर्ट प्रशासन

उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना और अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज, वाराणसी, बलिया, फर्रुखाबाद और चित्रकूट समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई जगहों पर पानी बस्तियों और सड़कों तक पहुंच गया है, जबकि प्रशासन ने निगरानी और राहत कार्य तेज कर दिए हैं।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 22 August 2026, 9:11 AM IST
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Prayagraj: प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दोनों नदियों का पानी करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.81 मीटर और छतनाग में 80.11 मीटर दर्ज किया गया। नैनी में यमुना का पानी 80.51 मीटर तक पहुंच गया। बाढ़ की आशंका को देखते हुए संगम क्षेत्र में नावों का संचालन बंद कर दिया गया है। बंधवा स्थित बड़े हनुमान मंदिर के आसपास भी पानी बढ़ने की आशंका है।

वाराणसी में घाटों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

वाराणसी में भी गंगा लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 68.90 मीटर दर्ज किया गया। यहां कई घाटों पर पानी पहुंच चुका है। राजेंद्र प्रसाद घाट का फर्श और दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस कार्यालय भी पानी की चपेट में आ गया है। मणिकर्णिका घाट पर छतों और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा रही है। वहीं दशाश्वमेध घाट की प्रसिद्ध गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है। पुलिस और एनडीआरएफ ड्रोन के जरिए नदी और आसपास के इलाकों पर नजर रख रहे हैं।

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बलिया और गाजीपुर में भी बढ़ी चिंता

बलिया में गंगा खतरे के निशान से करीब 80 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गाइघाट गेज पर जलस्तर 58.41 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 57.61 मीटर है। कई बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गाजीपुर में गंगा का जलस्तर 61.890 मीटर पहुंच गया है। यह चेतावनी स्तर से महज 21 सेंटीमीटर नीचे है।

मिर्जापुर और फर्रुखाबाद में भी हालात गंभीर

मिर्जापुर में गंगा का पानी हर घंटे करीब तीन सेंटीमीटर बढ़ रहा है। पिछले 12 घंटे में जलस्तर 32 सेंटीमीटर बढ़कर 74.140 मीटर हो गया। फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान से सिर्फ 15 सेंटीमीटर नीचे है। बाढ़ से 63 गांवों की 50 हजार से अधिक आबादी प्रभावित बताई गई है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। उन्नाव में भी गंगा का पानी चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है।

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तटबंध पर दबाव, गांवों की सड़कें डूबीं

बिजनौर में गंगा की तेज धारा रावली-बैराज तटबंध से टकरा रही है। तटबंध के करीब 100 मीटर हिस्से में धंसाव की स्थिति सामने आई है। सिंचाई विभाग रेत की बोरियों और सीमेंट के पिंजरों से बचाव कार्य कर रहा है। अमरोहा और संभल में भी जलस्तर खतरे के निशान के करीब है। कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें पानी में डूब गई हैं। वहीं बांदा में बारिश के दौरान बिजली गिरने से 40 वर्षीय पशुपालक सतीश की मौत हो गई।

Location :  Prayagraj

Published :  22 August 2026, 9:11 AM IST

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