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लखनऊ में छात्रों का प्रदर्शन (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का गुस्सा बुधवार को खुलकर सड़कों पर नजर आया। वर्षों से नियुक्ति की मांग कर रहे इन अभ्यर्थियों ने विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी दो अलग-अलग समूहों में बंट गए। एक समूह ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास भीख मांगकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया। उनके हाथों में कटोरे और तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था कि “हमें नौकरी दो या भीख मांगने पर मजबूर मत करो।”
दूसरा समूह सीधे विधान भवन की ओर बढ़ा, जहां उन्होंने घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान “न्याय नहीं दे सकते तो इस्तीफा दो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति जल्द ही तनावपूर्ण हो गई। करीब आधे घंटे तक पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक चली।
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हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती दिखाई और कई अभ्यर्थियों को जबरन हिरासत में लिया। महिला अभ्यर्थियों को भी महिला पुलिसकर्मियों द्वारा बलपूर्वक हटाया गया। कुछ को उठाकर गाड़ियों में बैठाया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों को बाद में पुलिस द्वारा ईको गार्डन ले जाया गया जहां उन्हें छोड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कई तरह की गड़बड़ियां हुई हैं और सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार की कमजोर पैरवी के कारण उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। उनका कहना है कि पिछले पांच वर्षों से वे लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
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प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वे बार-बार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। आर्थिक तंगी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि बेरोजगारी के इस दौर में लखनऊ आना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है।
Location : Lucknow
Published : 22 April 2026, 2:12 PM IST