हिंदी
गोरखपुर में प्रशासन हाई अलर्ट
Gorakhpur: गोरखपुर में अचानक प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। हर विभाग अलर्ट मोड में है, अधिकारी फाइलों से निकलकर मैदान में उतर चुके हैं और हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। वजह है उत्तर प्रदेश विधान परिषद की “प्रश्न एवं संदर्भ समिति” का प्रस्तावित दौरा, जिसने पूरे सिस्टम को चौकन्ना कर दिया है। इस बीच जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी ने साफ कर दिया है कि इस बार किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कलेक्ट्रेट सभागार में उच्चाधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी विभागों से तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया और साफ शब्दों में निर्देश दिए कि हर व्यवस्था समय से पहले पूरी कर ली जाए। डीएम ने कहा कि यह दौरा जनपद के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें गोरखपुर की छवि दांव पर है।
जिलाधिकारी ने एनेक्सी सभागार में होने वाली बैठक को लेकर विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, ध्वनि व्यवस्था, बैठने की सुविधा और सुरक्षा इंतजामों को प्राथमिकता पर रखने को कहा। साथ ही अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि प्रोटोकॉल के पालन में किसी भी तरह की चूक न हो।
गोरखपुर में जनगणना 2027 की तैयारी तेज: डिजिटल ट्रेनिंग से तैयार हो रहे प्रगणक
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अधिकांश व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं और बाकी कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि जो भी काम लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपनी योजनाओं की अद्यतन और तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार रखें। उन्होंने खास तौर पर मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति को पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत करने को कहा। डीएम ने चेतावनी दी कि आंकड़ों में किसी भी तरह की गलती जनपद की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।
जिला विकास अधिकारी सतीश चंद सिंह ने ग्रामीण विकास कार्यों की स्थिति बताई और कहा कि पंचायत स्तर पर कई परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं। वहीं एडीएम वित्त विनीत कुमार सिंह ने बजट उपयोग और वित्तीय पारदर्शिता पर जोर दिया। परियोजना निदेशक संदीप सिंह ने बताया कि सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने का प्रयास जारी है।
गोरखपुर में गैंगस्टर पर पुलिस का शिकंजा: फरार आरोपी अंशुमान त्रिपाठी गिरफ्तार
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फील्ड में जाकर जमीनी हकीकत का खुद आकलन करें। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी भी स्तर पर कमी न रह जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह बैठक गोरखपुर के विकास कार्यों को प्रस्तुत करने का एक बड़ा अवसर है। अगर सभी विभाग मिलकर सही तरीके से काम करें, तो जिले की एक मजबूत और सकारात्मक छवि सामने रखी जा सकती है।
Location : Gorakhpur
Published : 20 April 2026, 6:48 PM IST