प्रयागराज में चकबंदी घोटाला: 18 किसानों की 30 बीघा जमीन भूमाफिया के नाम, DM ने गठित की SIT

प्रयागराज के गंगापार क्षेत्र स्थित सोरांव तहसील में चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी अनियमितता सामने आई है। यूसुफपुर और मोहिद्दीनपुर गांव के 18 किसानों की लगभग 30 बीघा जमीन कथित रूप से भूमाफिया के नाम दर्ज कर दी गई।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 5 June 2026, 6:09 PM IST
google-preferred

Prayagraj: प्रयागराज के गंगापार क्षेत्र स्थित सोरांव तहसील में चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी अनियमितता सामने आई है। यूसुफपुर और मोहिद्दीनपुर गांव के 18 किसानों की लगभग 30 बीघा जमीन कथित रूप से भूमाफिया के नाम दर्ज कर दी गई। यह मामला चकबंदी प्रक्रिया के दौरान हुआ, जिसका खुलासा अमलदरामद के बाद हुआ।

किसानों को खतौनी से मिली जानकारी

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक किसान बैंक से कर्ज लेने के लिए खतौनी निकलवाने पहुंचा। खतौनी में अपना नाम गायब देखकर किसान हैरान रह गया। जांच करने पर पता चला कि कई किसानों की जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज कर दी गई है।

करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जे का आरोप

यूसुफपुर और मोहिद्दीनपुर गांव की यह जमीन बाजार मूल्य के हिसाब से करोड़ों रुपये की बताई जा रही है। आरोप है कि चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों ने भूमाफिया से मिलीभगत कर किसानों की भूमि का रिकॉर्ड बदल दिया।

डीएम ने गठित की SIT

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। जांच टीम में उप संचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी और सोरांव के एसडीएम को शामिल किया गया है।

दो दिन पहले भी सामने आया था तालाब भूमि घोटाला

गौरतलब है कि दो दिन पहले भी सोरांव क्षेत्र में चकबंदी अधिकारियों पर दो तालाबों की 24 बीघा सरकारी जमीन भूमाफिया के नाम दर्ज करने का आरोप लगा था। उस मामले में भी डीएम ने SIT जांच के आदेश दिए थे।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

प्रशासन ने पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रभावित किसान अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।

Location :  Prayagraj

Published :  5 June 2026, 6:09 PM IST

Advertisement