रिश्वत से संपत्ति तक… 17 साल चला CBI का केस, IRCTC लखनऊ रीजन के पूर्व चीफ को जेल

लखनऊ की CBI कोर्ट ने IRCTC के तत्कालीन चीफ रीजनल मैनेजर कृष्ण मोहन त्रिपाठी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने उन्हें तीन साल की जेल और 14.75 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। CBI ने 2010 में DA केस दर्ज किया था। इससे पहले 2009 में आरोपी को 70 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 August 2026, 7:01 PM IST
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Lucknow: लखनऊ की CBI अदालत ने IRCTC के लखनऊ रीजनल ऑफिस के तत्कालीन चीफ रीजनल मैनेजर कृष्ण मोहन त्रिपाठी को आय से अधिक संपत्ति यानी DA मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें तीन साल की जेल और 14.75 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। CBI के मुताबिक, कृष्ण मोहन त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला उस समय सामने आया था, जब एक अलग रिश्वतखोरी के मामले में उन्हें ट्रैप कर गिरफ्तार किया गया था।

70 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए थे

CBI के अनुसार पूरा मामला वर्ष 2009 की एक रिश्वतखोरी की कार्रवाई से जुड़ा है। उस समय कृष्ण मोहन त्रिपाठी IRCTC लिमिटेड, लखनऊ के चीफ रीजनल मैनेजर के पद पर तैनात थे। 31 अक्टूबर 2009 को CBI ने उन्हें 70 हजार रुपये की कथित अवैध रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। यह कार्रवाई एक ट्रैप के तहत की गई थी।

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2010 में दर्ज हुआ था DA केस

CBI ने 24 फरवरी 2010 को आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया। एजेंसी ने आरोपी की आय, संपत्ति, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की। जांच का मुख्य आधार यह था कि आरोपी ने अपनी ज्ञात और वैध आय के मुकाबले कितनी संपत्ति अर्जित की और क्या उस अतिरिक्त संपत्ति का कोई संतोषजनक स्रोत बताया जा सका।

1.44 करोड़ से ज्यादा की आय से अधिक संपत्ति

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने आरोपी की संपत्ति और आय से जुड़े आंकड़े रखे। CBI के मुताबिक, आरोपी के पास कुल 1,44,02,221 रुपये की आय से अधिक संपत्ति पाई गई। एजेंसी ने इसे आरोपी की कुल आय का 102.53 प्रतिशत बताया।

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2011 में दाखिल हुई थी चार्जशीट

CBI ने जांच पूरी करने के बाद 13 दिसंबर 2011 को कृष्ण मोहन त्रिपाठी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में एजेंसी ने आरोपी पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया। इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। मुकदमे के दौरान CBI ने अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और अन्य साक्ष्य पेश किए।

अदालत ने दोषी ठहराकर सुनाई सजा

लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद लखनऊ की CBI अदालत ने 10 अगस्त 2026 को कृष्ण मोहन त्रिपाठी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 14.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

Location :  Lucknow

Published :  11 August 2026, 7:01 PM IST

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