UP की कानून व्यवस्था पर गरमाई सियासत, कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा के इन आंकड़ों ने बढ़ाई सरकार की मुश्किलें

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सियासत फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने महिला अपराधों का मुद्दा उठाते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 4 October 2026, 7:35 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सियासत फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने महिला अपराधों का मुद्दा उठाते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि बेटियों के खिलाफ अपराधों की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं।

आराधना मिश्रा को हाल ही में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह रामपुर खास से तीन बार की विधायक हैं और इससे पहले यूपी विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता थीं।

बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल

आराधना मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में घर से स्कूल जाने वाली बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने पिछले एक सप्ताह के दौरान बुलंदशहर, बस्ती, बांदा, सोनभद्र, कौशाम्बी, ललितपुर, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज और लखनऊ में सामने आई घटनाओं का जिक्र किया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सवाल केवल अलग-अलग घटनाओं का नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी पूरी व्यवस्था का है। उन्होंने सरकार से महिला अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को सुरक्षा देने को लेकर जवाब मांगा।

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महिला अपराध के आंकड़ों का किया जिक्र

आराधना मिश्रा ने अपने बयान में उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में एक वर्ष के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध के 66,381 मामले दर्ज हुए। उनके मुताबिक, यह संख्या औसतन प्रतिदिन करीब 182 मामलों के बराबर है। उन्होंने इसी अवधि में दर्ज 3,516 दुष्कर्म के मामलों का भी जिक्र किया। कांग्रेस नेता के मुताबिक, यह औसतन करीब 9.6 मामले प्रतिदिन बैठता है।

इसके अलावा उन्होंने 3,206 हत्या के मामलों और 31 एसिड अटैक के मामलों का भी उल्लेख किया। हालांकि, इन आंकड़ों का स्रोत और संबंधित अवधि की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से अलग से स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। इसलिए इन आंकड़ों को कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत दावे के तौर पर देखा जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भी किया जिक्र

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने 30 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का भी हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि एक आपराधिक मामले की जांच के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी की थी। आराधना मिश्रा ने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर अदालतों की टिप्पणियों के बावजूद सरकार को पुलिस व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर और गंभीरता से काम करना चाहिए।

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‘बेटियों को सुरक्षा और सम्मान चाहिए’

आराधना मिश्रा ने कहा कि छोटी बच्चियों से लेकर नाबालिग छात्राओं तक से जुड़े अपराधों की खबरें चिंता का विषय हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर बच्चियां स्कूल, सड़क और घर तक सुरक्षित नहीं हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही है।

उन्होंने कहा कि बेटियों को डर के माहौल में नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की।

फिलहाल आराधना मिश्रा के बयान पर कांग्रेस ने सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, उनके द्वारा बताए गए आंकड़ों और विभिन्न घटनाओं पर संबंधित सरकारी एजेंसियों का पक्ष अलग से सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Lucknow

Published :  4 October 2026, 7:35 PM IST

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