12 दिनों तक दरवाजे पर टिकी रहीं नजरें, आज लौटा तो हमेशा के लिए खामोश हो गया सूरज; देवरिया में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

खाड़ी क्षेत्र में मालवाहक जहाज पर हुए हमले में जान गंवाने वाले देवरिया के मर्चेंट नेवी कर्मी सूरज यादव का पार्थिव शरीर 12 दिनों के लंबे इंतजार के बाद रविवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। बेटे का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 4 October 2026, 7:10 PM IST
google-preferred

Deoria: 12 दिनों तक परिवार की नजरें दरवाजे पर टिकी रहीं, वे अपने बेटे के लौटने का इंतजार कर रहे थे; आज इंतजार तो खत्म हुआ लेकिन खुशियां नहीं लौटीं। सूरज यादव घर तो आए लेकिन हमेशा के लिए खामोश हो गए। जिस आंगन में बेटे के घर लौटने की खुशी मनाई जानी चाहिए थी, वहां अब मातम पसरा है।

देवरिया के रहने वाले सूरज यादव की जान खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच एक कार्गो जहाज पर हुए हमले में चली गई। जब लगभग 12 दिनों के बाद उनका शव घर पहुंचा तो परिवार टूट गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

परिवार का सहारा बनने निकले थे सूरज

रिश्तेदारों के अनुसार, सूरज यादव करीब डेढ़ महीने पहले ओमान गए थे। उनका मकसद परिवार के लिए कमाई करना और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना था। मर्चेंट नेवी में काम करते हुए वे अपने परिवार के भविष्य के लिए सपने बुन रहे थे। लेकिन सूरज जो अपने परिवार की जिंदगी बदलने की उम्मीद में विदेश गए थे एक ऐसे सफर पर निकल गए जहां से कोई वापसी नहीं होती।

यह भी पढ़ें - Deoria News: देवरिया में खाकी पर लगा दाग, थाने की हवालात में गांजा तस्कर की संदिग्‍ध मौत से मचा बवाल

शव के लिए 12 दिनों का इंतजार

घटना के बाद परिवार ने सूरज का शव घर पहुंचने का लगभग 12 दिनों तक इंतजार किया। हर दिन उन्हें उम्मीद रहती थी कि उनका बेटा लौटेगा और परिवार उसे एक बार फिर देख पाएगा। इंतजार आखिरकार खत्म हुआ लेकिन जिस बेटे को देखने के लिए वे तरस रहे थे, वह बेजान होकर लौटा। परिवार के लिए यह पल उनकी जिंदगी के सबसे मुश्किल पलों में से एक बन गया।

वे अपने पीछे तीन छोटे भाई छोड़ गए

परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब बताई जा रही है। सूरज अपने पीछे तीन छोटे भाई छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों के अनुसार, सूरज ही परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रहे थे। अब परिवार के सामने छोटे भाइयों की पढ़ाई और घर के खर्चों को संभालने की बड़ी चुनौती है।

ग्रामीणों ने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की

ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि परिवार की बेहद खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए। उनका कहना है कि घटना के बाद कई जिला अधिकारी और कर्मचारी परिवार से मिलने आए थे, लेकिन अब जिला प्रशासन को परिवार के हालात का गंभीरता से जायजा लेने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें - Deoria: 25 हजार का इनामी गो-तस्करी आरोपी आखिर पुलिस के हाथ लगा, ऐसे हुई गिरफ्तारी

ग्रामीणों ने देवरिया के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक से परिवार से मिलने और उनकी आर्थिक स्थिति का पता लगाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी परिवार की मदद करने की अपील की गई है, ताकि सूरज के छोटे भाई अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और परिवार अपनी आजीविका चला सके।

जिस घर में कभी यह उम्मीद थी कि बेटा उनकी जिंदगी में खुशियां लाएगा वह अब उसके गुजर जाने के बाद गहरे अंधेरे में डूब गया है। सूरज की वापसी का इंतजार तो खत्म हो गया है, लेकिन उसे खोने का दर्द परिवार के लिए शायद कभी कम न हो।

Location :  Deoria

Published :  4 October 2026, 7:10 PM IST

Related News

Advertisement