सूबेदार का शव घर पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस हादसा, भाई-पुत्र समेत चार की मौत; परिजनों से मिले DM-SP

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस दुर्घटना में चार लोगों की मौत के बाद देवरिया में शोक की लहर है। हादसे में सेना के सूबेदार सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जा रहे उनके भाई और बेटे समेत चार लोगों की जान चली गई। डीएम मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर. शंकर ने परिजनों से मुलाकात कर शोक जताया और हर संभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 4 October 2026, 7:22 PM IST
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Deoria News: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक एंबुलेंस हादसे ने देवरिया के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सेना के सूबेदार सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर को चंडीगढ़ से उनके पैतृक गांव गहिला दुधैला ले जा रही एंबुलेंस सुल्तानपुर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में एंबुलेंस चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना की जानकारी के बाद देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर शोक संतप्त परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

पार्थिव शरीर लेकर गांव लौट रहा था परिवार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम गहिला दुधैला निवासी सत्यवान सिंह पुत्र जयसिंह सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु 1 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ कमांड अस्पताल में हुई थी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव लाया जा रहा था। परिवार के लोग और अन्य लोग एंबुलेंस से पार्थिव शरीर लेकर देवरिया के लिए रवाना हुए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ही रास्ते में एक और बड़ा हादसा परिवार को झकझोर देगा।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस हुई दुर्घटनाग्रस्त

4 अक्टूबर 2026 की सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर जिले के हलियापुर थाना क्षेत्र में जरई कला गांव के पास एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में एंबुलेंस में सवार चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में एंबुलेंस चालक जशपाल पुत्र सुरेंद्र पाल, उम्र करीब 45 वर्ष, मृतक सत्यवान सिंह के भाई रामसमुझ पुत्र जयसिंह, उम्र करीब 55 वर्ष, उनके पुत्र गौरव सिंह, उम्र करीब 18 वर्ष और रुद्रपुर के भरटोला वार्ड निवासी राजन चौधरी पुत्र रामप्रीत चौधरी, उम्र करीब 32 वर्ष की मृत्यु हो गई।

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चार अपनों को खोने का सदमा

सत्यवान सिंह की मौत के बाद परिवार पहले ही गहरे सदमे में था। सेना के जवान के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए परिजन गांव लौट रहे थे। इसी दौरान हुए हादसे ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दीं। एक तरफ घर में सत्यवान सिंह के निधन का दुख था तो दूसरी तरफ उनके पार्थिव शरीर को लेकर लौट रहे परिवार के सदस्यों की हादसे में मौत की खबर पहुंची। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

डीएम और एसपी पहुंचे परिजनों के घर

हादसे की जानकारी मिलने के बाद देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने परिजनों से हादसे की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया। डीएम और एसपी ने दिवंगतों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।

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हर संभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ है। सरकार की ओर से नियमानुसार जो भी सहयोग और सहायता उपलब्ध होगी, उसे दिलाने के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर रहेगा।

हादसे से इलाके में शोक

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे की खबर से गहिला दुधैला और रुद्रपुर क्षेत्र में शोक का माहौल है। सत्यवान सिंह के निधन के बाद परिवार के लोग उनके पार्थिव शरीर के साथ गांव लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार और क्षेत्र के लोगों को झकझोर दिया।

Location :  Deoria

Published :  4 October 2026, 7:22 PM IST

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