लखनऊ अग्निकांड: आरोपी वीरेंद्र शुक्ल का दूसरा अवैध कॉम्प्लेक्स भी सील, पुलिस दर्ज करेगी एक और FIR; जानें कैसे हुआ खुलासा

लखनऊ अग्निकांड के आरोपी वीरेंद्र शुक्ल की मुश्किलें बढ़ीं। अलीगंज में उनकी पत्नी के नाम पर बना एक और 4 मंजिला अवैध कॉम्प्लेक्स सील कर दिया गया है। पुलिस नई FIR दर्ज करेगी। वहीं एलडीए ने फायर सेफ्टी उल्लंघन पर 21 अन्य प्रतिष्ठान भी सील किए।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 27 June 2026, 9:09 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन एक्शन मोड में है। अलीगंज के जिस व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में पिछले दिनों आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, उसके मालिकों की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। मामले के मुख्य आरोपी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल और सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल का एक और बड़ा कारनामा सामने आया है।

अग्निकांड वाले स्थल के बिल्कुल पास ही इन दोनों भाइयों ने मिलकर एक और बहुमंजिला अवैध कॉम्प्लेक्स खड़ा कर लिया था, जिसे लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सील कर दिया है। इस मामले में अब अलीगंज पुलिस भी आरोपियों के खिलाफ एक और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

विमला शुक्ला के नाम पर दर्ज है भूखंड

जांच में सामने आया है कि इस नए अवैध कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी पूरी तरह से भू-उपयोग (लैंड यूज) के नियमों को ताक पर रखकर किया गया था। एलडीए के दस्तावेजों के मुताबिक, अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या A3/89 को आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किया गया था। यह प्लॉट कागजों में प्रेरणा सिंह और वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल की पत्नी विमला शुक्ला के नाम पर दर्ज है।

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पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस इमारत को बनाने में भी सुरक्षा मानकों की वैसी ही अनदेखी की गई जैसी अग्निकांड वाली बिल्डिंग में हुई थी। लापरवाही के पुख्ता सबूत मिलने पर पुलिस जल्द ही एक और नया मुकदमा दर्ज करेगी।

सेटबैक कवर कर खड़ी कर दी चार मंजिला इमारत

एलडीए के विहित प्राधिकारी विपिन शिवहरे की टीम ने जब इस नए कॉम्प्लेक्स का औचक निरीक्षण किया, तो वहां कई गंभीर खामियां पाई गईं। नियमों के विपरीत जाकर बिल्डिंग के चारों तरफ छोड़ी जाने वाली जरूरी जगह (सेटबैक) को पूरी तरह से कवर कर लिया गया था। बेसमेंट के साथ-साथ यहां चार मंजिला अवैध निर्माण खड़ा किया गया था।

जांच के दौरान मौके पर कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला और न ही इस निर्माण से जुड़ा कोई स्वीकृत मानचित्र (मैप) टीम के सामने पेश किया जा सका। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों हुए हादसे के बाद से ही इस नए कॉम्प्लेक्स की सभी दुकानों और दफ्तरों में ताला लगा दिया गया था।

स्वीकृत मानचित्र का कोई रिकॉर्ड नहीं

एलडीए के अधिकारियों ने जब अपने संपत्ति विभाग से इस भूखंड से जुड़ी फाइलें निकलवाकर जांच की, तो हैरान करने वाली बात सामने आई। एलडीए के रिकॉर्ड में इस चार मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के स्वीकृत मानचित्र की कोई डिटेल ही मौजूद नहीं है।

अधिकारियों का अंदेशा है कि पूर्व के मामले की तरह ही, इस बिल्डिंग के लिए भी शायद केवल एक 'एकल यूनिट' (सिंगल रेसिडेंशियल यूनिट) का आवासीय नक्शा पास कराया गया था, लेकिन जमीन पर बिना किसी अनुमति के इतना बड़ा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तान दिया गया।

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एलडीए का सीलिंग अभियान जारी

राजधानी में अग्निशमन सुरक्षा मानकों (फायर सेफ्टी नॉर्म्स) का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एलडीए की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। शुक्रवार को मुहर्रम के कारण सीलिंग की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर रही, लेकिन इसके बावजूद शहर भर में कुल 21 अवैध व असुरक्षित प्रतिष्ठानों, कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों को सील किया गया।

इस बीच, कोचिंग सेंटरों के बंद होने से छात्रों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर असर न पड़े, इसे देखते हुए एलडीए ने एक अहम फैसला लिया है। एलडीए अधिकारियों ने शनिवार और रविवार को सभी प्रमुख कोचिंग संचालकों के साथ एक विशेष बैठक बुलाई है, जिसमें सुरक्षा मानकों को पूरा करने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के विकल्पों पर चर्चा की जाएगी।

Location :  Lucknow

Published :  27 June 2026, 9:09 AM IST

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