यूपी एसटीएफ की बड़ी कामयाबी: केन्द्रीय सचिवालय का सचिव बनकर करोड़ों की जमीन ठगने वाले गैंग का खुलासा

लखनऊ में बड़ा फर्जीवाड़ा! खुद को केंद्रीय सचिवालय का सचिव बताकर करोड़ों की जमीन ठगने वाला शातिर अपराधी एसटीएफ के हत्थे चढ़ा। आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज, इनोवा गाड़ी, वॉकी-टॉकी और भारी सामग्री बरामद। जानिए पूरी रिपोर्ट।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 27 August 2025, 12:59 AM IST
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Lucknow News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में एसटीएफ की टीम ने एक ऐसे शातिर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया, जो खुद को केन्द्रीय सचिवालय में सचिव बताकर लोगों को ठग रहा था। गिरोह का मास्टरमाइंड और उसका सहयोगी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अमित कुमार निवासी ग्राम निखोदा जनपद कौशाम्बी और मुबीन अहमद निवासी लखनऊ शामिल है।

आरोपियों के कब्जे से क्या-क्या मिला?

  1. दो आधार कार्ड
  2. एक फर्जी आधार कार्ड
  3. एक ड्राइविंग लाइसेंस
  4. एक पैन कार्ड
  5. विक्रय अनुबंध पत्र का सेट
  6. बैनामा की फोटोकॉपी
  7. दो मोबाइल फोन
  8. इनोवा गाड़ी (UP-32-NU-8134) हूटर सहित
  9. एक वॉकी-टॉकी सेट

ठगी का तरीका

पूछताछ में अमित कुमार ने बताया कि वह पहले भी जमीन से संबंधित फर्जीवाड़े के कई मामलों में जेल जा चुका है और वर्तमान में हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर था। उसने बताया कि वृंदावन योजना में स्थित एक खाली प्लॉट (24000 वर्ग फीट) के मालिक राजीव कुमार और प्रदीप कुमार की जमीन का फर्जीवाड़ा करने की योजना बनाई थी।

इसके लिए उसने राजीव कुमार के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया और ग्राहकों को फंसाने के लिए खुद को केन्द्रीय सचिवालय का सचिव बताया। अमित महंगी इनोवा कार किराये पर लेकर हूटर और वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करता था ताकि उसका प्रभाव पड़े। इसी तरह रायबरेली निवासी शिवशंकर सिंह से 8000 वर्ग फीट जमीन के सौदे में 51 लाख रुपये में डील की गई और 19 लाख रुपये का एडवांस चेक भी ले लिया गया।

अमित के साथ सहयोगी मुबीन अहमद गाड़ी चालक और विश्वासपात्र था, जो हर फ्रॉड के समय उसके साथ रहता था और बदले में हिस्सा पाता था। मुबीन हूटर लगी गाड़ी लेकर आता था जिससे वीआईपी लुक मिल सके।

गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना गोमतीनगर विस्तार, कमिश्नरेट लखनऊ में मु०अ०सं० 159/2025, धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

एसटीएफ की कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ला के पर्यवेक्षण में एसटीएफ उपनिरीक्षक जावेद आलम सिद्दीकी के नेतृत्व में टीम ने की। टीम में मुख्य आरक्षीगण कवीन्द्र साहनी, मृत्युंजय सिंह, वीर प्रताप और अजीत सिंह शामिल रहे। एसटीएफ की यह तत्परता बड़ी ठगी को अंजाम देने से पहले ही रोकने में सफल रही।

Location :  Lucknow

Published :  27 August 2025, 12:59 AM IST

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