हिंदी
मृतक विजेंद्र सिंह (फाइल फोटो)
Deoria: जिले के बरहज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में शनिवार को एक जमीन विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया। चकनाली की जमीन पर ग्राम प्रधान राजेश यादव द्वारा रास्ता निर्माण कराया जा रहा था, तभी 68 वर्षीय अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए और काम रुकवाने की कोशिश करने लगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तनाव में बदल गई।
घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम बरहज विपिन द्विवेदी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों की बात सुनते हुए निर्माण कार्य रुकवाने का निर्देश दिया। लेकिन इसी दौरान अधिवक्ता और एसडीएम के बीच भी बहस होने लगी। आरोप है कि मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान और उनके सहयोगियों ने अधिवक्ता से अभद्रता की और गाली-गलौज करते हुए उन्हें घेर लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
देवरिया हादसे में बड़ा अपडेट! बेसमेंट की एक दीवार ने छीनी जिंदगियां, अब FIR के बाद खुल रहे कई राज
इसी हंगामे के बीच अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह अचानक जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्राम प्रधान और उनके सहयोगी वहां से फरार हो गए। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में आक्रोश बढ़ गया।
मौत की खबर मिलते ही परिजन और अधिवक्ता तहसील बरहज परिसर पहुंच गए और शव रखकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंचे एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह ने काफी समझाने के बाद लोगों को शांत कराया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों ने ग्राम प्रधान राजेश यादव सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान और प्रशासन की मिलीभगत से अधिवक्ता का अपमान किया गया। जिससे उन्हें गहरा सदमा लगा और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में गुस्सा और सवाल दोनों खड़े कर दिए हैं।
Location : Deoria
Published : 6 April 2026, 1:14 AM IST