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देवरिया में एक निर्माणाधीन इमारत में हुए दर्दनाक हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दो मजदूरों की मौत के बाद अब मामला और भी गंभीर होता जा रहा है। FIR दर्ज होने के बाद ऐसे खुलासे सामने आ रहे हैं, जो चौंकाने वाले हैं।
देवरिया थाना कोतवाली (Img: Google)
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। नगर पालिका रोड पर बन रही एक बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट में दीवार गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर नीचे काम कर रहे थे और अचानक दीवार भरभराकर गिर गई।
मलबे में दबने से दोनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद मृतक गोविंद के भाई ने पुलिस को तहरीर दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया। शुरुआत में कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठे, लेकिन अब पुलिस ने गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। इस मामले में मकान मालिक आशीष गुप्ता, इंजीनियर और ठेकेदार रजत त्रिपाठी को आरोपी बनाया गया है।
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प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बेसमेंट की खुदाई तय मानकों के अनुसार नहीं की गई थी। कई फीट गहरी खुदाई बिना सुरक्षा इंतजाम के कर दी गई थी, जिससे दीवार कमजोर हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर निर्माण कार्य में सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद तुरंत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। आरोप है कि रसूख और जुगाड़ के चलते कार्रवाई को टालने की कोशिश की गई। हालांकि, मामला सामने आने और दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने आखिरकार केस दर्ज कर लिया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
इस हादसे के बाद प्रशासन और नगर निकाय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बिना अनुमति या सुरक्षा जांच के इतनी बड़ी खुदाई कैसे की गई, यह बड़ा सवाल बन गया है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान और भी लापरवाही सामने आ सकती है।