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गोरखपुर में खेल-खेल में हुआ एक ऐसा हादसा जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। मासूम बच्चों की एक छोटी सी गलती कैसे बन गई जानलेवा, यह घटना कई सवाल खड़े करती है। आखिर कैसे घर में रखी एक चीज बनी इतना बड़ा खतरा? जानिए पूरी कहानी, जो हर माता-पिता के लिए चेतावनी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोरखपुर (Img: Google)
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर माता-पिता को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सहजनवां तहसील क्षेत्र के पाली ब्लॉक अंतर्गत कुआबार ग्राम के कनपुरवा टोला में खेल-खेल में तीन मासूम बच्चों ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, शनिवार की रात घर में रखी गेहूं में मिलाने वाली जहरीली कीटनाशक दवा बच्चों के हाथ लग गई। मासूमियत में बच्चों ने उसे खिलौना या खाने की चीज समझ लिया और उसकी शीशी खोलकर पी लिया। कुछ ही देर में इसका असर दिखने लगा और बच्चों की हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
जानकारी के अनुसार, समरजीत निषाद के चार वर्षीय बेटे शत्रुघ्न, ढाई वर्षीय बेटी अनुराधा और एक वर्षीय सिवान ने कीटनाशक का सेवन कर लिया। जहरीला पदार्थ शरीर में पहुंचते ही बच्चों को उल्टी, बेचैनी और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। बच्चों की बिगड़ती हालत को देखकर परिजनों के होश उड़ गए और घर में अफरा-तफरी मच गई।
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घबराए परिजन तुरंत बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठर्रापार लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने तीनों बच्चों को जिला अस्पताल गोरखपुर रेफर कर दिया। फिलहाल बच्चों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और चिंता का माहौल है। परिजन गहरे सदमे में हैं, वहीं ग्रामीणों में भी इस हादसे को लेकर आक्रोश और भय देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों में रखे खतरनाक रसायनों के प्रति जागरूकता की भारी कमी है, जिसकी वजह से ऐसे हादसे बार-बार सामने आ रहे हैं।
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जानकारों का मानना है कि कीटनाशक, दवाइयों और अन्य जहरीले पदार्थों को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। अक्सर लापरवाही या अनजाने में इन्हें खुला छोड़ दिया जाता है, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।