NHAI का कड़ा फैसला: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मरम्मत पूरी होने तक नहीं लगेगा टोल, कंपनी और अधिकारी नपे

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई को हुए धंसाव के बाद NHAI ने सख्त कार्रवाई की है। मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली बंद रहेगी और निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक पर भारी जुर्माना व डिबार का प्रस्ताव है।

Updated : 6 August 2026, 10:04 AM IST
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Lucknow: कानपुर और लखनऊ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से एक बड़ी खबर सामने आई है। एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में हुए धंसाव (स्लिपेज) के बाद NHAI ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई बड़े और सख्त फैसले लिए हैं। अब जब तक प्रभावित हिस्से की मरम्मत का काम पूरी तरह पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस एक्सप्रेसवे पर किसी भी वाहन से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा।

26 जुलाई के हादसे के बाद NHAI सख्त

बीती 26 जुलाई को कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की एक गंभीर घटना सामने आई थी। इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए NHAI ने एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड (PNC Infratech Ltd.) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने कंपनी को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके साथ ही, कंपनी को भविष्य में आने वाली NHAI की किसी भी नई परियोजना की निविदाओं (Tenders) से प्रतिबंधित करने और उसकी परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2 प्रतिशत हिस्सा जुर्माने के तौर पर काटने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

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तीन करोड़ की लागत से होगी मरम्मत, कंपनी उठाएगी खर्च

सड़क के धंसे हुए हिस्से की युद्धस्तर पर मरम्मत की जाएगी, जिस पर अनुमानित तौर पर 3 करोड़ रुपये की लागत आएगी। खास बात यह है कि इस मरम्मत कार्य में सरकारी खजाने पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि इस पूरी प्रक्रिया का खर्च निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड खुद उठाएगी। NHAI ने स्पष्ट किया है कि जब तक यह सुधार कार्य पूरी तरह से मुकम्मल नहीं हो जाता, तब तक आम जनता को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट रहेगी।

लापरवाह अधिकारियों पर चला चाबुक, कई डिबार

सिर्फ निर्माण कंपनी ही नहीं, बल्कि इस परियोजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों पर भी NHAI ने गाज गिराई है। परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट इंजीनियर टीम के लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को भी इस प्रोजेक्ट से कार्यमुक्त कर दिया गया है। इन तीनों अधिकारियों को अगले दो सालों तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और NHAI की किसी भी परियोजना में काम करने से रोक दिया गया है।

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प्राधिकरण ने परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया है। साथ ही, पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया और नकुल प्रकाश वर्मा के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप-पत्र (चार्जशीट) जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, 'थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज' पर भी डिबारमेंट का नोटिस जारी किया गया है और कंपनी की पेवमेंट कंडीशन इंडेक्स (PCI) रेटिंग भी घटाई जाएगी।

IIT खड़गपुर के विशेषज्ञ करेंगे तकनीकी जांच

भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए NHAI ने पूरे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT खड़गपुर के विशेषज्ञ इस पूरे मार्ग की तकनीकी जांच करेंगे ताकि सड़क धंसने के असली कारणों का बारीकी से पता लगाया जा सके।

Location :  Lucknow

Published :  6 August 2026, 10:04 AM IST

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