कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक्शन, NHAI ने प्रोजेक्ट मैनेजर को हटाया, PNC कंपनी को थमाया कारण बताओ नोटिस

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के धंसने पर कंस्ट्रक्शन कंपनी PNC इन्फ्राटेक ने स्टॉक एक्सचेंज को सफाई दी है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 8 August 2026, 1:02 PM IST
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Lucknow: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को हुए नुकसान पर उठे सवालों के बीच, कंस्ट्रक्शन कंपनी PNC इन्फ्राटेक ने स्टॉक एक्सचेंज को अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने बताया कि एक्सप्रेसवे का केवल 300 मीटर का हिस्सा प्रभावित हुआ है जो प्रोजेक्ट की कुल लंबाई का 0.5 प्रतिशत से भी कम है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि NHAI ने न तो उसे प्रतिबंधित (debar) किया है और न ही उसे खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनी (non-performer) घोषित किया है।

NSE और BSE को दी गई जानकारी

6 अगस्त को PNC इन्फ्राटेक ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को इस मामले की जानकारी दी। कंपनी के अनुसार, मौजूदा स्थिति का उसकी ऑपरेशनल क्षमताओं पर कोई खास असर नहीं पड़ा है, और वह भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाने की प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए पात्र बनी हुई है।

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एक्सप्रेसवे किस कंपनी ने बनाया था?

कंपनी ने बताया कि संबंधित प्रोजेक्ट का निर्माण उसकी सब्सिडियरी कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड ने किया था। लगभग 1,513 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

PNC के अनुसार, प्रोजेक्ट के लिए 'प्रोविजनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट' (अस्थायी पूर्णता प्रमाण पत्र) 1 अक्टूबर, 2025 को जारी किया गया था, और 'फाइनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट' (अंतिम पूर्णता प्रमाण पत्र) 2 फरवरी, 2026 को जारी किया गया था।

नुकसान का कारण भारी बारिश बताया गया

PNC इन्फ्राटेक ने एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को हुए नुकसान के लिए हाल ही में हुई लगातार भारी बारिश को जिम्मेदार ठहराया। कंपनी ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की कुल लंबाई लगभग 300 मीटर है।

कंपनी ने दावा किया कि नुकसान का पता चलने के तुरंत बाद प्रभावित हिस्सों की मरम्मत और सुधार का काम शुरू कर दिया गया था। PNC ने यह भी कहा कि एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा है।

NHAI ने 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया

कंपनी के एक पत्र के अनुसार, NHAI ने उसकी सब्सिडियरी कंपनी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। संभावित कार्रवाइयों में 'परफॉर्मेंस सिक्योरिटी' का 2 प्रतिशत जुर्माना, संबंधित टेक्निकल ऑफिसर को तीन साल तक के लिए प्रतिबंधित करना और सड़क की 'पेवमेंट कंडीशन इंडेक्स' (PCI) रेटिंग को कम करना शामिल हो सकता है।

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हालांकि, PNC ने स्पष्ट किया कि ये अभी केवल प्रस्तावित कार्रवाइयां हैं और इन्हें अंतिम जुर्माना नहीं माना जा सकता है। कंपनी ने बताया कि वह NHAI के नोटिस का जवाब दे रही है।

प्रोजेक्ट मैनेजर को हटाया गया

PNC ने यह भी बताया कि NHAI के निर्देश के बाद, प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता को उनके पद से हटा दिया गया है।

15 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी

कंपनी के अनुसार, प्रभावित हिस्सों की मरम्मत और सुधार का खर्च उसके नियमित रखरखाव बजट में शामिल है। इस प्रोजेक्ट के तहत, कंपनी सड़क के निर्माण और 15 साल तक उसके रखरखाव दोनों के लिए जिम्मेदार है।

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में, PNC ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा घटनाक्रमों का कंपनी के कामकाज या भविष्य के प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेने की उसकी क्षमता पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।

Location :  Lucknow

Published :  8 August 2026, 1:02 PM IST

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