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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Img: X)
Lucknow: लगभग 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने की घटनाएं सामने आईं, जिससे इसके निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। अगस्त के पहले पांच दिनों में 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने, मिट्टी के कटाव, गड्ढे बनने और पैच रिपेयर (मरम्मत) के नाकाम होने की कई घटनाएं देखी गईं। कुछ जगहों पर सड़क कई मीटर तक धंस गई जबकि अन्य जगहों पर सैकड़ों मीटर तक जमीन धंस गई।
आइए 1 से 5 अगस्त के बीच प्रभावित तारीखों, जगहों और हिस्सों पर नजर डालते हैं।
5 अगस्त को बेहटा गांव के पास किलोमीटर मार्कर 63.9, 64.1 और 64.3 पर सड़क धंसने की खबरें आईं। एक ही इलाके में तीन अलग-अलग जगहों पर सड़क धंसने की घटनाओं ने एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चिंता और बढ़ा दी।
4 अगस्त को एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा घटनाएं हुईं। पानी के बहाव के कारण लखनऊ की ओर जाने वाली लेन में किलोमीटर मार्कर 37.3 के पास एक बड़ा गड्ढा बन गया।
उसी दिन महनौरा गांव के सामने किलोमीटर मार्कर 32.5 के पास मिट्टी के कटाव और नाले का एक हिस्सा ढहने से सड़क को नुकसान पहुंचा। बेगमखेड़ा गांव के सामने किलोमीटर मार्कर 30.6 पर, 29 जुलाई को पहली बार सड़क धंसने के बाद की गई मरम्मत (पैच रिपेयर) एक बार फिर नाकाम हो गई।
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हसनपुर गांव (किलोमीटर मार्कर 29.6) के पास सड़क की सतह धंस गई, जिससे खाई जैसा गड्ढा बन गया। वहीं, किलोमीटर मार्कर 29.2 के पास बानी टोल प्लाजा से लगभग 500 मीटर पहले लगभग 200 मीटर के हिस्से में सड़क की सतह टूटने लगी। इसके अलावा, लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर भी दो जगहों पर नुकसान की खबर मिली। रायपुर (किलोमीटर मार्कर 45.8) और सहरावन (किलोमीटर मार्कर 33.9) के पास मिट्टी के कटाव से सड़क प्रभावित हुई।
रविवार, 3 अगस्त की रात को, बेहटा गांव के पास किलोमीटर मार्कर 65 और 65.2 के बीच लगभग 200 मीटर लंबा हिस्सा धंस गया। इस जगह पर एक्सप्रेसवे की तीनों लेन प्रभावित हुईं। इस हिस्से की मरम्मत का काम अभी चल रहा है।
उसी रात असोहा में कांथा गांव के पास किलोमीटर मार्कर 37.7 पर कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन का लगभग 10 मीटर हिस्सा धंस गया। यहां भी मरम्मत का काम शुरू किया गया।
2 अगस्त को सदर तहसील में जगेथा गांव के पास किलोमीटर मार्कर 48.9 और 48.5 के बीच 400 मीटर के हिस्से में कई जगहों पर सड़क धंस गई। इस हिस्से की मरम्मत अभी तक नहीं हुई है।
इस बीच असोहा ब्लॉक में बछौरा गांव अंडरपास के पास किलोमीटर मार्कर 38.5 पर सड़क का आठ मीटर हिस्सा ढह गया। हालांकि इस हिस्से की मरम्मत पूरी हो चुकी है।
अगस्त की शुरुआत भी एक्सप्रेसवे के लिए परेशानी भरी रही। 1 अगस्त को तुरी गांव के सामने किलोमीटर मार्कर 46.5 और 46.6 के बीच सड़क धंस गई, जिससे खाई जैसे बड़े गड्ढे बन गए। इस हिस्से की मरम्मत अभी तक नहीं हुई है।
एक्सप्रेसवे पर बार-बार हो रही इन घटनाओं ने निर्माण की गुणवत्ता, जल निकासी व्यवस्था और सड़क के डिज़ाइन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में कई जगहों पर बारिश के पानी के बहाव, मिट्टी के कटाव और जल निकासी की समस्याओं को नुकसान का कारण बताया गया है।
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NIT की एक टीम ने अलग-अलग जगहों से सड़क की सतह, मिट्टी और कंक्रीट के नमूने लिए हैं। इस बीच IIT खड़गपुर के विशेषज्ञ एक्सप्रेसवे का तकनीकी मूल्यांकन कर रहे हैं। विशेषज्ञों की रिपोर्ट से करोड़ों रुपये की लागत वाली इस सड़क के बार-बार धंसने के कारणों का पता चलेगा और जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलेगी।
Location : Lucknow
Published : 8 August 2026, 1:03 PM IST