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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का रक्षामंत्री राजनाथ सिंह करेंगे लोकार्पण (सोर्स- एक्स)
Lucknow: लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर अब बेहद आसान और रफ्तार से भरा होने वाला है। दोनों शहरों के बीच लगने वाले 2 से 3 घंटे के समय को घटाकर महज 45 मिनट करने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे आम जनता के लिए तैयार है। 14 जुलाई को सुबह 8 बजे से इस एक्सप्रेस-वे को आम वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। सोमवार को रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।
यह 63 किलोमीटर लंबा 6-लेन एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश का पहला 'बैरियर-फ्री' (बिना टोल प्लाजा वाला) हाईवे है। 4,700 रुपये करोड़ की लागत से बना यह राज्य का सबसे छोटा, लेकिन सबसे आधुनिक और महंगा एक्सप्रेस-वे है।
इस ऐतिहासिक शुरुआत के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार को तीनों मुख्य अतिथि उन्नाव के पड़ी स्थित झाऊखेड़ा रेस्ट एरिया पहुंचेंगे, जहां तीन हेलीपैड तैयार किए गए हैं। यहां NHAI की प्रदर्शनी देखने के बाद, वे एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करते हुए लखनऊ के सरोजनीनगर में आयोजित मुख्य समारोह में पहुंचेंगे। सुरक्षा और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (ASL) की टीम ने पूरे रूट का मुआयना कर लिया है। बता दें कि 5 जनवरी 2022 को शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट रिकॉर्ड 1,645 दिनों में बनकर तैयार हुआ है।
इस एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पर कोई पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं होगा। हाईवे पर लगे आरएफआईडी (RFID) और एएनपीआर (ANPR) कैमरे चलते हुए वाहनों से अपने आप टोल टैक्स काट लेंगे।
अगर खर्च की बात करें, तो मौजूदा NH-27 (पुराने कानपुर हाईवे) की तुलना में इस नए एक्सप्रेस-वे पर सफर करना करीब 186% तक महंगा होगा। वर्तमान में पुराने हाईवे पर कार का एक तरफ का टोल 95 रुपये और 24 घंटे में वापसी का टोल 145 रुपये है, जिससे इस नए रूट का टोल काफी अधिक रहने वाला है।
इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से राहगीरों को कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं-
समय की भारी बचत: सबसे बड़ा फायदा समय का है। 94 किमी लंबे पुराने NH-27 रूट पर जहां ढाई से तीन घंटे का समय बर्बाद होता था, वहीं अब 63 किमी की दूरी 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सिर्फ 35 से 45 मिनट में तय हो जाएगी।
शानदार कनेक्टिविटी: आउटर रिंग रोड के जरिए इस एक्सप्रेस-वे को अयोध्या, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बनारस, प्रयागराज, ऊंचाहार और बाराबंकी से जोड़ा गया है। इससे आसपास के शहरों के यात्रियों को भी बिना शहर में फंसे सीधा रास्ता मिलेगा।
पर्यावरण और ग्रीन एनर्जी का तालमेल: इस सफर में यात्रियों को हरियाली देखने को मिलेगी, क्योंकि वन विभाग की मदद से रूट के दोनों तरफ 46 हजार पेड़ लगाए गए हैं। इसके अलावा, 15 से 20 मीटर चौड़ी पट्टी में लगभग 500 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे बनने वाली बिजली का इस्तेमाल एक्सप्रेस-वे के संचालन में होगा।
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लोकार्पण कार्यक्रम के चलते सोमवार दोपहर 1 बजे से समारोह की समाप्ति तक लखनऊ-कानपुर मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। बड़े और कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों को प्रतिबंधित रास्तों के बजाय दूसरे वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। हालांकि, एम्बुलेंस, स्कूली वाहनों, फायर ब्रिगेड और शव वाहनों जैसी आपातकालीन सेवाओं को पूरी छूट रहेगी। किसी भी तरह की समस्या या जानकारी के लिए लोग ट्रैफिक कंट्रोल रूम के नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।
Location : Lucknow
Published : 13 July 2026, 9:16 AM IST
Topics : Barrier Free Highway UP Lucknow to Kanpur 45 Mins Lucknow Kanpur Expressway Rajnath Singh Inauguration UP Infrastructure News
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