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रेलवे ने कार्यालय अधीक्षक को नौकरी से किया बर्खास्त (Img: AI Generated)
Prayagraj: उत्तर मध्य रेलवे ने घूस के एक मामले में अपने एक कर्मचारी के खिलाफ बड़ी विभागीय कार्रवाई की है। प्रयागराज स्थित डीआरएम कार्यालय में तैनात कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र मणि त्रिपाठी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
मामला सहायक लोको पायलट दंपति के तबादले से जुड़ा है। आरोप है कि प्रयागराज में तैनाती के लिए किए गए तबादला आवेदन को आगे बढ़ाने के बदले दंपति से 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में सीबीआई ने कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र मणि त्रिपाठी और एपीओ अरविंद कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने दोनों रेलकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की। बीते महीने 10 सितंबर को प्रयागराज से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद उत्तर मध्य रेलवे ने भी अपने स्तर पर विभागीय जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई के तौर पर दोनों कर्मचारियों को निलंबित किया गया था।
अब विभागीय जांच के बाद राजेंद्र मणि त्रिपाठी की सेवा समाप्त कर दी गई है। रेलवे की इस कार्रवाई को मामले में बड़ी विभागीय कार्रवाई माना जा रहा है।
इस मामले में एपीओ अरविंद कुमार के खिलाफ विभागीय जांच अभी पूरी नहीं हुई है। रेलवे उनकी भूमिका और आरोपों की जांच कर रहा है। विभागीय जांच में अगर आरोपों की पुष्टि होती है तो उनके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद संबंधित रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजे जाने की बात कही गई है। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने कार्यालय अधीक्षक को बर्खास्त किए जाने की पुष्टि की है।
सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, मीरापुर निवासी एक सहायक लोको पायलट प्रयागराज में तैनात हैं,बीआई में शिकायत की गई। इसके बाद जांच और कार्रवाई आगे बढ़ी और दोनों रेलकर्मियों की गिरफ्त जबकि उनकी पत्नी कानपुर में सहायक लोको पायलट के पद पर कार्यरत हैं। पत्नी ने स्पाउस ग्राउंड यानी पति-पत्नी को एक ही स्थान पर तैनाती देने के आधार पर प्रयागराज तबादले के लिए आवेदन किया था। आवेदन पर आगे की कार्रवाई में देरी होने के बाद दंपति डीआरएम कार्यालय पहुंचे।
बताया गया कि दोनों एपीओ अरविंद कुमार से मिले। आरोप है कि अरविंद कुमार ने उन्हें कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र मणि त्रिपाठी से मिलने के लिए कहा।
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आरोप के मुताबिक, कार्यालय अधीक्षक ने तबादले के काम के लिए दंपति से 70 हजार रुपये की मांग की। दंपति ने रकम देने के बजाय मामले की शिकायत सीबीआई से करने का फैसला किया। 8 सितंबर को सीबीआई में शिकायत की गई। इसके बाद जांच और कार्रवाई आगे बढ़ी और दोनों रेलकर्मियों की गिरफ्तारी हुई।
अब रेलवे ने राजेंद्र मणि त्रिपाठी को बर्खास्त कर दिया है। वहीं, एपीओ अरविंद कुमार पर विभागीय जांच जारी है। सिंह के निर्देश पर मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। रेलवे की ओर से कार्यालय इस जांच के नतीजे पर उनकी आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। उत्तर मध्य रेलवे के जीएम नरेश पाल सिंह के निर्देश पर मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। रेलवे की ओर से कार्यालय अधीक्षक पर सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।
Location : Prayagraj
Published : 7 October 2026, 12:44 PM IST