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18 वर्षीय छात्रा श्रुति साहू (Img: Dynamite News)
Hamirpur: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। राठ कस्बे की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा श्रुति साहू, जिसने डॉक्टर बनने का सपना संजोया था, अब इस दुनिया में नहीं रही। परिजनों का कहना है कि NEET परीक्षा में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में चली गई थी। शनिवार को कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
राठ कस्बे के दीवानपुरा मोहल्ले निवासी महेंद्र साहू की बेटी श्रुति लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी। परिवार और रिश्तेदारों को भी उससे काफी उम्मीदें थीं। हालांकि हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में उसे इतने अंक नहीं मिले कि किसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल सके। परिजनों के अनुसार, परिणाम आने के बाद से वह काफी उदास रहने लगी थी और पहले की तरह सामान्य व्यवहार नहीं कर रही थी।
शनिवार को श्रुति की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, उसने घर में कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसे तुरंत राठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता महेंद्र साहू ने बताया कि उनकी बेटी का बचपन से एक ही सपना था—डॉक्टर बनना। उन्होंने कहा कि परिवार लगातार उसे समझा रहा था कि एक परीक्षा में असफलता जीवन का अंत नहीं होती और वह दोबारा प्रयास कर सकती है, लेकिन वह इस मानसिक दबाव से बाहर नहीं निकल सकी।
उरई के कोतवाल आनंद सिंह ने बताया कि छात्रा हमीरपुर जिले की निवासी थी और उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हुई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है।
Location : Hamirpur
Published : 20 July 2026, 2:10 PM IST
Topics : Education News hamirpur news NEET News