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महराजगंज के सोहगीबरवा में बाघ के हमले से 14 वर्षीय नाबालिग दलित बालिका की मौत के बाद से क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। घटना के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मिलकर आर्थिक सहायता दी। ग्रामीणों ने सुरक्षा इंतजाम और सरकारी मुआवजे की मांग की है।
सोहगीबरवा पहुंचे पूर्व मंत्री सुशील टिबडेवाल
Maharajganj: महराजगंज जनपद के सोहगीबरवा थाना क्षेत्र में खेत में गन्ना तोड़ने गई 14 वर्षीय नाबालिग दलित बालिका गुड्डी पर बाघ ने हमला बोल दिया था। घायल गुड्डी की मौत हो गई। नाबालिग लड़की की मौत के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। गांव में हर तरफ सन्नाटा है और ग्रामीणों के चेहरों पर डर साफ नजर आ रहा है।
जानकारी के मुताबिक सोहगीबरवा ग्रामसभा निवासी गुड्डी चौधरी कन्नौजिया (14 वर्ष), पुत्री उमेश कन्नौजिया अपनी बड़ी बहन के साथ खेत में गन्ना तोड़ने गई थी। बड़ी बहन खेत के बाहर बैठ गई और गुड्डी खेत के अंदर गन्ना तोड़ने चली गई। गन्ने के खेत में गई गुड्डी अचानक लापता हो गई। उसकी बड़ी बहन समेत परिजनों और ग्रामीणों ने उसे काफी देर तक खोजा, मगर रात होने के कारण उस दिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला।
अगले दिन काफी खोजबीन के बाद जंगल के भीतर गुड्डी का शव क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ। शव के कई अंग शरीर से अलग पाए गए थे। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि गन्ने के खेत में बैठे बाघ ने उस पर हमला किया और उसे खींचकर जंगल में ले गया। बच्ची के शव के दृश्य ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस, वन विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गुड्डी की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन बदहवास हैं और गांव की महिलाएं रो-रोकर बेहाल हैं। गुड्डी परिवार की बड़ी उम्मीद थी और घर के कामों में हाथ बंटाती थी। उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल के नेतृत्व में पीड़ित परिवार से मिलने अस्पताल पहुंचा और पीड़ित परिजनों का ढ़ांढ़स बंधाया।
पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिंबडेवाल ने पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। जंगल से सटे गांवों में रहने वाले गरीब और दलित परिवार सबसे अधिक खतरे में हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार और वन विभाग गंभीर नहीं दिखते। इसी तरह की एक घटना सात महीने पहले भी हुई थी।
पूर्व मंत्री ने इसके साथ ही सरकार से मृतक गुड्डी के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बाघ, तेंदुआ और अन्य जंगली जानवर अक्सर गांवों के आसपास देखे जाते हैं, लेकिन सरकार की नाकामी के कारण अब तक कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। इस प्रतिनिधिमंडल में सपा के जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव भी मौजूद रहे।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से मृतक बालिका के परिजनों को उचित और त्वरित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता के साथ-साथ परिवार के पुनर्वास की भी व्यवस्था की जानी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजे की प्रक्रिया में अक्सर देरी होती है, जिससे पीड़ित परिवार को और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।