गोरखपुर में फैक्ट्री प्रदूषण और बेरोजगारी के खिलाफ अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

गोरखपुर के सहजनवा तहसील क्षेत्र में ग्राम न्यायालय की स्थापना, फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण पर रोक और स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की मांग तेज हो गई है। तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अनिल त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 7 May 2026, 4:32 PM IST
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Gorakhpur: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के सहजनवा तहसील क्षेत्र में गुरुवार को अधिवक्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई। तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अनिल त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी केशरी नंदन तिवारी से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने सहजनवा में ग्राम न्यायालय की स्थापना की मांग को प्रमुख मुद्दा बताया।

अधिवक्ताओं का कहना है कि सहजनवा एक बड़ा तहसील क्षेत्र है, लेकिन यहां आज तक ग्राम न्यायालय की स्थापना नहीं हो सकी। इसके कारण छोटे-छोटे मामलों में भी ग्रामीणों और गरीब फरियादियों को जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि सहजनवा में ग्राम न्यायालय स्थापित हो जाता है तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी और न्याय व्यवस्था गांव स्तर तक आसानी से पहुंच सकेगी।

फैक्ट्रियों के प्रदूषण से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

ज्ञापन में गीडा क्षेत्र की फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाली राख और धुआं आसपास के गांवों का वातावरण लगातार खराब कर रहा है। इसके कारण लोगों को सांस, त्वचा और अन्य गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण की वजह से उनका जीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

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अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई फैक्ट्रियां भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन कर रही हैं। इससे गांवों में जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और आने वाले समय में पेयजल संकट गहराने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने पर नाराजगी

अधिवक्ताओं ने स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि गीडा क्षेत्र की फैक्ट्रियों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि क्षेत्र के बेरोजगार युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिलाया जाए।

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अधिवक्ताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रत्येक प्रथम और तृतीय शनिवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान अभिषेक मणि त्रिपाठी, जय हनुमान शुक्ल, शनि शुक्ल, सुनील शुक्ल, भास्कर सिंह, रामजन्म सिंह, संतोष चौधरी, अवनीश यादव, रमाकांत उपाध्याय और नीरज तिवारी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

Location :  gorakhpur

Published :  7 May 2026, 4:32 PM IST

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