किताबों के नाम पर खेल बड़ा या शिक्षा का कारोबार? नैनीताल में 99 स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा

नैनीताल में निजी स्कूलों को लेकर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। कुछ ऐसी शिकायतें सामने आईं, जिनके बाद अधिकारियों ने एक के बाद एक कई स्कूलों को नोटिस भेज दिए।

Nainital: नैनीताल जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी पर जिला प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। अभिभावकों की लगातार बढ़ती शिकायतों और जांच रिपोर्टों की पुष्टि के बाद प्रशासन ने 49 और निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस भेज दिया है।

पचास स्कूलों को नोटिस जारी

इससे पहले विभिन्न क्षेत्रों के 50 विद्यालयों को नोटिस जारी हो चुके हैं, जिसके बाद जिले में नोटिस पाने वाले स्कूलों की कुल संख्या बढ़कर अब 99 हो गई है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल द्वारा की गई इस कार्रवाई ने जिलेभर के स्कूल प्रबंधन को सकते में डाल दिया है।

इन स्कूलों का नाम शामिल

नए नोटिसों की सूची में हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भीमताल, बेतालघाट और नैनीताल क्षेत्र के दर्जनों निजी विद्यालय शामिल हैं। होली ऐंजल पब्लिक स्कूल, वीवीएम पब्लिक स्कूल, विवेकानन्द पब्लिक स्कूल, सनराइज पब्लिक स्कूल, न्यू रेनबो पब्लिक स्कूल, मीना एकेडमी, होली ट्रिनिटी, लिटिल स्कालर, यूएसआर इंदु इंटर कॉलेज, अल्फा मिशन पब्लिक स्कूल, ग्रीनवुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल सहित कई संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है।

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निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य

जांच में सामने आया कि कई विद्यालय एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से हटकर अत्यधिक महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य कर रहे थे। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था। शिकायतों में यह भी पाया गया कि कुछ विद्यालय विशिष्ट दुकानों से ही पुस्तकें खरीदने का दबाव बना रहे थे, जबकि कई स्कूल अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाएं तक सार्वजनिक नहीं कर रहे थे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत की जा रही है। उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और अभिभावकों को राहत देना है।

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मुख्य शिक्षा अधिकारी ने दिए निर्देश

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी करने, एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, किसी भी निजी विक्रेता की बाध्यता खत्म करने और वेबसाइट पर पुस्तक सूची व शुल्क संरचना सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पहले से खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों की धनवापसी या समायोजन सुनिश्चित करने, और अतिरिक्त शुल्कों को आगामी महीनों की फीस में समायोजित करने को भी कहा गया है।

जिलाधिकारी ने ब्लॉक स्तरीय संयुक्त जांच समितियां गठित कर दी हैं, जिन्हें 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में आदेशों का पालन न करने पर मान्यता निलंबन से लेकर दंडात्मक कार्यवाही तक की चेतावनी दी गई है।

Location :  Nainital

Published :  7 May 2026, 3:54 PM IST

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