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गोरखपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत “वोटर ड्रॉप” सूची का औपचारिक प्रकाशन कर दिया गया है। इस सूची में 6 लाख 45 हजार 625 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
गोरखपुर जिलाधिकारी
Gorakhpur: जनपद गोरखपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत “वोटर ड्रॉप” सूची का औपचारिक प्रकाशन कर दिया गया है। इस सूची में 6 लाख 45 हजार 625 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 9 प्रतिशत है। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने पूरी प्रक्रिया, आंकड़ों और आगे की कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जनपद भर में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान मृत मतदाता, स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित मतदाता, दोहरे पंजीकरण (डुप्लीकेट वोटर) और अपात्र पाए गए मतदाताओं के नाम नियमानुसार मतदाता सूची से विलोपित किए गए। इसी प्रक्रिया को “वोटर ड्रॉप” कहा जाता है।
डीएम ने स्पष्ट किया कि यह कार्यवाही पूरी तरह पारदर्शी और विधि-सम्मत है। बीएलओ स्तर पर सत्यापन के बाद निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा रिपोर्टों की गहन जांच की गई। किसी भी पात्र मतदाता का नाम जानबूझकर नहीं काटा गया है और सभी को दावा-आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम वोटर ड्रॉप सूची में शामिल हैं, उनके पते पर बीएलओ द्वारा नोटिस भेजा जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो वह निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 प्रपत्रों में से किसी एक उपयुक्त प्रपत्र को भरकर अपना नाम पुनः जुड़वा सकता है। इसके साथ वर्तमान निवास का वैध साक्ष्य देना अनिवार्य होगा। निवास प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली या पानी का बिल, बैंक पासबुक, किरायानामा अथवा अन्य मान्य दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे। बिना साक्ष्य कोई आवेदन मान्य नहीं होगा।
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मतदाता यह प्रक्रिया बीएलओ, तहसील कार्यालय या निर्वाचन कार्यालय में ऑफलाइन, साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी पूरी कर सकते हैं। दावा-आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 6 फरवरी निर्धारित की गई है। इसके बाद प्राप्त आवेदनों की जांच कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
डीएम ने यह भी बताया कि यदि किसी मकान नंबर पर बाहरी व्यक्तियों के नाम गलत दर्ज हो गए हैं, तो मकान स्वामी आपत्ति दर्ज कराकर उन्हें हटवा सकता है। वहीं, मृत व्यक्तियों के नाम भी आवेदन के आधार पर सत्यापन के बाद हटाए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि एक व्यक्ति केवल एक ही स्थान का मतदाता हो सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। इससे फर्जी मतदान पर रोक लगेगी और आगामी चुनाव निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से संपन्न कराए जा सकेंगे। प्रेस वार्ता में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीत कुमार सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी शंकर मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।