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जेएनयू में देर रात छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। ABVP और वामपंथी संगठनों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए। दिल्ली पुलिस ने कहा, अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।
JNU में देर रात दो गुटों के बीच में झड़प (Img Source: Google)
New Delhi: दिल्ली स्थित Jawaharlal Nehru University (JNU) में देर रात छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और पत्थरबाजी के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद कुछ समय के लिए कैंपस में तनाव का माहौल बन गया।
छात्र संगठन Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) ने वामपंथी छात्र संगठनों पर हमला करने का आरोप लगाया है, जबकि वामपंथी गुटों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि हिंसा की शुरुआत एबीवीपी कार्यकर्ताओं की ओर से की गई।
मामले पर Delhi Police ने कहा है कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, जेएनयू कैंपस में पुलिस को प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति जरूरी होती है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति अभी सामान्य है, लेकिन घटनाक्रम की निगरानी की जा रही है।
जेएनयू एबीवीपी के संयुक्त सचिव वैभव मीना ने आरोप लगाया कि वामपंथी गुट पिछले 7-8 दिनों से हड़ताल पर थे और उन्होंने रात में भय का माहौल बनाया। उनका दावा है कि 300-400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने छात्रों को अध्ययन कक्षों से बाहर निकाला और कुछ छात्रों के साथ मारपीट की।
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एबीवीपी के मीडिया संयोजक विजय जायसवाल ने भी आरोप लगाया कि करीब 100-150 लोगों की भीड़ ने कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया और यह घटना पूर्व नियोजित थी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, वामपंथी छात्र संगठनों ने एबीवीपी के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पहले हिंसक रवैया अपनाया और विवाद को बढ़ाया। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच कैंपस में हालात को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पिछले कुछ महीनों में जेएनयू में कई बार छात्र संगठनों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ मामलों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था।