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जनपद के तहसील खजनी क्षेत्र स्थित संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। ग्रामीणों ने कोटेदार एवं उसके सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने कोटेदार हटाने की उठाई मांग
Gorakhpur: तहसील खजनी क्षेत्र के उरुवा बाजार ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा टिकरी बुजुर्ग में संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। ग्राम के स्थायी निवासियों और राशन कार्ड धारकों ने कोटेदार एवं उसके सहयोगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने खजनी में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस पर प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपकर अपनी व्यथा रखी।
ग्रामीणों के अनुसार ग्रामसभा की सस्ते गल्ले की दुकान कोटेदार रितु देवी पत्नी स्वर्गीय रामवृक्ष के नाम से आवंटित है, लेकिन दुकान का संचालन स्वयं कोटेदार द्वारा न होकर उनके सहयोगी रामपुरानी पुत्र रामअचल द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि राशन वितरण से लेकर अंगूठा लगवाने तक का पूरा काम यही व्यक्ति करता है और इसी दौरान लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
शिकायत में कहा गया है कि कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है। प्रत्येक यूनिट से जानबूझकर अनाज घटाया जाता है। जब कोई उपभोक्ता इसका विरोध करता है तो उसे राशन कार्ड निरस्त कराने की धमकी दी जाती है, जिससे अधिकांश ग्रामीण भय के कारण चुप रहने को मजबूर हैं।
महिला कार्डधारकों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रार्थना पत्र में उल्लेख है कि सहयोगी द्वारा महिलाओं को बार-बार अंगूठा लगवाने के बहाने दुकान पर बुलाया जाता है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से गांव की महिलाएं असहज और असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
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शिकायतकर्ताओं करिश्मा, गन्नेश, आदिवास, स्मा देवी, अनारमली, अभिमन्यु, संगीता, आर्यन, झोनमती देवी, रामनरेश सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित कोटेदार व सहयोगी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और ग्रामसभा में नए कोटेदार का चयन कराया जाए।
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ग्रामीणों का कहना है कि सस्ते गल्ले की दुकान गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रेखा है, लेकिन अनियमितताओं के चलते उन्हें उनके हक से वंचित किया जा रहा है। अब इस शिकायत के बाद क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।