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गोरखपुर में शुक्रवार को नगर आयुक्त की अध्यक्षता में जोन-02 की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जमीनी स्तर पर हो रहे स्वच्छता कार्यों की गहन समीक्षा की गई।इस दौरान उन्होंने सुपरवाइजरों, वेंडरों और सफाई निरीक्षकों को कड़े निर्देश दिए।
निगम कर्मियों के साथ स्वच्छता कार्यों की बैठक करते नगरआयुक्त
Gorakhpur: आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 (10वां संस्करण) को लेकर नगर निगम गोरखपुर ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को नगर आयुक्त की अध्यक्षता में जोन-02 की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जमीनी स्तर पर हो रहे स्वच्छता कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में जोन संख्या-02 के वार्ड संख्या 38, 24, 57, 63, 77, 44, 69, 32, 56, 70, 75, 26, 65, 51, 11 एवं 37 में प्रस्तावित थर्ड पार्टी फील्ड असेसमेंट के मद्देनज़र सभी कार्यों के सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया। टूल-किट के निर्धारित मानकों के अनुरूप पोर्टल पर भेजी जा रही मासिक प्रगति रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक बिंदु पर विस्तार से चर्चा हुई, ताकि सर्वेक्षण में अधिकतम अंक सुनिश्चित किए जा सकें।
नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी वार्डों में आवासीय, व्यवसायिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए। कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, नाले-नालियों की नियमित सफाई, सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की स्वच्छता तथा रेड स्पॉट, खुले में शौच-मूत्र, कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखते हुए चालान व जुर्माने की कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाए।
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सभी वार्डों को कचरामुक्त एवं बिन-फ्री बनाए रखने के निर्देश दिए गए। नागरिकों को जागरूक करने पर विशेष बल देते हुए कहा गया कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के बाद कचरा इधर-उधर न फेंका जाए, बल्कि डस्टबिन में ही रखा जाए, ताकि अगले दिन उसका विधिवत संग्रहण हो सके।
वेंडिंग जोन क्षेत्रों में सभी वेंडरों को कचरा पात्र रखने तथा अपने-अपने स्थलों को पूरी तरह स्वच्छ बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पार्कों की नियमित सफाई के साथ-साथ आवश्यकतानुसार सौंदर्यीकरण कार्य कराने पर भी जोर दिया गया। मलिन बस्तियों में उच्चस्तरीय सफाई व्यवस्था बनाए रखने हेतु विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में शौचालयों एवं मूत्रालयों की नियमित व मानक अनुरूप सफाई, डिवाइडरों की स्वच्छता तथा रेड स्पॉट को पूरी तरह समाप्त करने के निर्देश दिए गए। नाले-नालियों एवं सरोवरों में ठोस कचरा जाने से रोकने के लिए जाली लगाने व स्लैब से ढकने की कार्रवाई समयबद्ध रूप से कराने को कहा गया। जहां स्लैब नहीं हैं, वहां तत्काल निर्माण विभाग को सूचना देने के निर्देश दिए गए।
सभी आवासीय क्षेत्रों में कम से कम एक बार विशेष सफाई अभियान चलाने तथा प्रतिदिन नियमित कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने को कहा गया। सुपरवाइजर एवं मेट को निर्देशित किया गया कि मासिक प्रगति रिपोर्ट में शामिल स्थलों पर प्रतिदिन विशेष निगरानी रखें, ताकि किसी भी समय निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं मानक अनुरूप पाई जाएं।
बैठक में बैकलेनों की सफाई, आकर्षक वॉल पेंटिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य निरीक्षण से पूर्व पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जोन के वेंडरों और सफाई निरीक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। सभी कर्मचारियों को निर्धारित वर्दी एवं सुरक्षा उपकरणों के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, जिससे सुरक्षा के साथ-साथ आमजन में सकारात्मक संदेश जा सके।
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इसके अतिरिक्त सभी वार्डों को जीवीपी मुक्त रखने, स्कूल परिसरों को पूर्णतः स्वच्छ बनाए रखने तथा विद्यालयों में स्थित शौचालयों को मानक अनुरूप रखने के लिए विद्यालय प्रशासन को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए।