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उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान गोरखपुर के कई आला अफसर मौजूद थे।
अफसरों से समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, अपर आयुक्त (प्रशासन) जय प्रकाश सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में बालक और बालिकाओं के लिए शौचालयों की उपलब्धता और उनकी क्रियाशीलता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में शौचालय नहीं हैं अथवा जो उपयोग की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्वच्छ और क्रियाशील शौचालय की व्यवस्था विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों के अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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उन्होंने अस्पतालों में योजना के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली और कहा कि लाभार्थियों को उपचार में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना और उसके संचालन की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी से छात्रों और युवाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अध्ययन की बेहतर सुविधा मिलती है, इसलिए इसकी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।
मुख्य सचिव ने पंचायत स्तर पर बनाए जा रहे पंचायत उत्सव भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर भवन निर्माण कार्य चल रहा है, उसे समय से पूर्ण कराया जाए और जहां निर्माण पूरा हो चुका है, वहां भवनों का उपयोग सामुदायिक कार्यक्रमों एवं पंचायत गतिविधियों के लिए सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान पंचायत सहायक के रिक्त पदों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों से रिक्त पदों का पूरा विवरण मांगा और निर्देश दिया कि जहां-जहां पद खाली हैं, वहां शीघ्र नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि पंचायतों के कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ आम जनता तक समय से पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और योजनाओं की नियमित समीक्षा करते रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।