गोरखपुर: व्हाट्सऐप कॉल से ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर लाखों की ठगी, वाराणसी का आरोपी गिरफ्तार

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर महिला से बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कराने वाले एक आरोपी को साइबर अपराध थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी वाराणसी का…पढिए पूरी खबर

गोरखपुर: साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर महिला से बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कराने वाले एक आरोपी को साइबर अपराध थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी वाराणसी का रहने वाला है और उससे पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

क्या है पूरी खबर?

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ कौस्तुभ के निर्देश पर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में साइबर अपराध थाना प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद रसीद खाँ के नेतृत्व में टीम ने मुकदमा संख्या 08/2026 से संबंधित आरोपी को गिरफ्तार किया।

थाना क्षेत्र से गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान विकास विश्वकर्मा पुत्र राधेश्याम विश्वकर्मा निवासी गणेश पुरी कॉलोनी, नासिरपुर थाना चितईपुर जनपद वाराणसी के रूप में हुई है। आरोपी को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2), 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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थाना में शिकायत दर्ज

मामले के मुताबिक, अज्ञात साइबर अपराधियों ने पीड़िता को व्हाट्सऐप कॉल कर खुद को सरकारी अधिकारी बताया और उसे “डिजिटल अरेस्ट” करने की धमकी दी। आरोपियों ने पीड़िता को डराकर उससे दो अलग-अलग बैंक खातों से आरटीजीएस के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करा लिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। साइबर पुलिस की टीम में निरीक्षक कपिलदेव चौधरी, उपनिरीक्षक रजत शुक्ला, कांस्टेबल राम प्रसाद चौधरी और कांस्टेबल अभय प्रताप सिंह शामिल रहे।

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साइबर ठगी का संदेह

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, व्हाट्सऐप मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। बैंक, पुलिस या सरकारी एजेंसियां कभी भी फोन या मैसेज पर ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी नहीं मांगतीं। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का संदेह होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते ट्रांजैक्शन को ट्रेस और फ्रीज किया जा सके।

Location : 
  • गोरखपुर

Published : 
  • 11 March 2026, 9:35 PM IST

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