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अखिलेश यादव के दौरे से पहले हरदोई में हाई अलर्ट (Img: Dynamite News)
Hardoi: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के गढ़ी रसूलपुर गांव में 26 वर्षीय शिल्पी कुशवाहा की दर्दनाक हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है क्योंकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचने वाले हैं। उनके आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
अखिलेश यादव के दौरे से पहले गढ़ी रसूलपुर गांव किसी हाई-प्रोफाइल ज़ोन की तरह नजर आ रहा है। घर के बाहर बड़ी संख्या में सपा नेता, पूर्व मंत्री और कार्यकर्ता मौजूद हैं। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि हर आने-जाने वाले व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
समाजवादी पार्टी के नेताओं का जमावड़ा (Img: Dynamite News)
पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर, शिल्पी के भाई वीरेंद्र कुशवाहा ने डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत की। वीरेंद्र कुशवाहा ने इस दौरान कहा, "बहन की फावड़े से काटकर रिषभ द्विवेदी और उसके पिता प्रमोद द्विवेदी ने बड़ी बेहरमी के साथ हत्या कर दी। पुलिस अगर इस मामले में हमारी सुनवाई पहले ही कर देती तो आज हमारी बेटी हमारे साथ होती। हमने थाने से लेकर एसपी ऑफिस तक इस मामले में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस आंखों पर पट्टी बांधकर बैठी रही। जिसकी वजह से दरिंदों ने हमारी बेटी की हत्या कर दी।"
अखिलेश यादव करीब 45 मिनट तक पीड़ित परिवार के साथ रहेंगे। इस दौरान वे परिवार से पूरी घटना की जानकारी लेंगे।
गौरतलब है कि यह मामला 13 अप्रैल की शाम का है, जब 26 वर्षीय शिल्पी कुशवाहा घर से कूड़ा डालने निकली थीं। इसी दौरान गांव के ही ऋषभ द्विवेदी ने उन पर फावड़े से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर आरोपी ऋषभ और उसके पिता प्रमोद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने 15 अप्रैल को मुख्य आरोपी ऋषभ को गिरफ्तार किया। 19 अप्रैल को उसके पिता प्रमोद को भी पकड़कर जेल भेज दिया गया।
मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने के बाद 28 अप्रैल को एसपी अशोक कुमार मीणा ने मल्लावां कोतवाल शिवाकांत पांडेय को निलंबित कर दिया। वहीं, इस हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणियां करने के आरोप में 24 अप्रैल को 12 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया। इससे पहले 22 अप्रैल की रात कई सपा कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किया गया था और 23 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा प्रतिनिधिमंडल को संडीला के पास रोक दिया गया था।
Location : Hardoi
Published : 30 April 2026, 11:46 AM IST