Lucknow: निष्कासित छात्रों के समर्थन में पहुंचे सपा नेता राजपाल कश्यप, फीस वृद्धि और निष्कासन का विरोध

लखनऊ विश्वविद्यालय में 13 दिनों से चल रहे छात्र धरने को सपा नेता राजपाल कश्यप का समर्थन मिला। निष्कासित छात्रों की वापसी, फीस वृद्धि रद्द करने और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग उठाई है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 13 June 2026, 6:13 PM IST
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Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय में निष्कासित छात्रों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के नेता और विधान परिषद सदस्य राज्यपाल कश्यप धरनास्थल पहुंचे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किए गए छात्रों के पक्ष में चल रहे आंदोलन को लेकर उन्होंने छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया।

छात्रों को मिला राजनीतिक समर्थन

विश्वविद्यालय परिसर में सरस्वती प्रतिमा के पास छात्र पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्र नेताओं का आरोप है कि फीस वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। आंदोलनरत छात्र निष्कासन वापस लेने, फीस वृद्धि रद्द करने और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

धरने को लगातार राजनीतिक और सामाजिक समर्थन मिल रहा है। पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों के अलावा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से जुड़े कई प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है। कई प्रतिनिधिमंडलों ने कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर छात्रों की मांगों पर विचार करने का आग्रह किया है।

फीस वृद्धि के खिलाफ उठाई आवाज

राजपाल कश्यप ने कहा कि किसी भी छात्र को निष्कासित कर शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाना छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि विश्वविद्यालय में छात्रों के हितों के खिलाफ कोई फैसला लिया जाता है, तो उसके विरोध में अपनी बात रखना पूरी तरह जायज है।

सपा नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है और फीस वृद्धि तथा निष्कासन के मुद्दे को सदन में भी उठाएगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से संवाद के जरिए समाधान निकालने और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की।

छात्रों की प्रमुख मांगें

1. तीनों छात्र नेताओं का निष्कासन तत्काल वापस लिया जाए।

2.  छात्रों के निलंबन और अर्थदंड की कार्रवाई रद्द की जाए।

3. विश्वविद्यालय में की गई फीस वृद्धि वापस ली जाए।

4. छात्रसंघ चुनाव दोबारा बहाल किए जाएं।

5. परिसर से पुलिस व्यवस्था हटाई जाए।

6. छात्रों के आंदोलनों के लिए स्थायी धरना स्थल और वॉल पेंटिंग की अनुमति दी जाए।

Location :  Lucknow

Published :  13 June 2026, 6:13 PM IST

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