तेरहवीं के बाद जिंदा लौटे शख्स की कहानी में बड़ा ट्विस्ट, गिरधर ने बताया कहां था इतने दिन, इसलिए लौटा घर…

गाजियाबाद में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने परिवार, पुलिस और पूरे इलाके को हैरान कर दिया। जिस बेटे का अंतिम संस्कार हो चुका था और तेरहवीं भी की जा चुकी थी, वह अगले ही दिन जिंदा घर लौट आया। आखिर इतने बड़े मामले में पहचान कैसे गलत हुई, पुलिस की जांच पर सवाल क्यों उठे।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 26 June 2026, 3:35 PM IST
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Ghaziabad: गाजियाबाद में जिस व्यक्ति को परिवार ने मृत मान लिया था, उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया और पूरे रीति-रिवाज से तेरहवीं भी संपन्न हो गई। लेकिन इसके अगले ही दिन वही शख्स अचानक अपने घर पहुंच गया। उसे सामने देखकर परिवार के होश उड़ गए, जबकि इस पूरे मामले में हत्या के आरोपी बनाए गए लोगों ने भी राहत की सांस ली।

यह मामला अब पुलिस की जांच और शव की पहचान दोनों पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

जेल से छूटने के बाद अचानक हो गया था लापता

गिरधर बिष्ट 21 मई को जेल से रिहा हुए थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। इसके बाद उनकी मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। कुछ दिनों बाद मसूरी क्षेत्र की गंगनहर से एक शव मिला। परिवार ने कपड़ों और हुलिये के आधार पर उसे गिरधर मान लिया। शव की पहचान होने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया और पूरे परिवार ने यह मान लिया कि गिरधर अब इस दुनिया में नहीं रहे।

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तेरहवीं के बाद अचानक लौट आया गिरधर

24 जून को परिवार ने गिरधर की तेरहवीं की रस्म पूरी की। लेकिन 25 जून को अचानक गिरधर खुद अपने घर पहुंच गया। उसे जिंदा देखकर परिवार ही नहीं बल्कि आसपास के लोग भी हैरान रह गए। गिरधर के लौटने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था।

डेरा सच्चा सौदा के आश्रम में बिताए कई दिन

पुलिस पूछताछ में गिरधर ने बताया कि जेल से छूटने के बाद वह पंजाब स्थित डेरा सच्चा सौदा के आश्रम चला गया था। वहां कुछ दिन रहने के बाद उसे अपनी मां की याद आने लगी। उसने बताया कि 24 जून को पंजाब से बस पकड़ी और अगले दिन आनंद विहार पहुंचकर सीधे अपने घर लौट आया।

हत्या के आरोपियों को मिली राहत

गिरधर के गायब होने के बाद परिवार ने सात लोगों पर अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इनमें एक सीआईएसएफ जवान भी शामिल था। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी। लेकिन गिरधर के जिंदा लौट आने के बाद हत्या का पूरा मामला कमजोर पड़ गया है। अब पुलिस इस मुकदमे को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है और जिन लोगों पर हत्या का आरोप लगा था, उन्हें कानूनी राहत मिलने की संभावना है।

पुलिस की जांच पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शव की पहचान केवल परिजनों के भरोसे कैसे मान ली गई। बताया जा रहा है कि शव का डीएनए टेस्ट नहीं कराया गया था। अगर वैज्ञानिक जांच पहले कर ली जाती, तो शायद इतनी बड़ी गलतफहमी पैदा ही नहीं होती।

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अब सबसे बड़ा सवाल- आखिर नहर में मिला शव किसका था?

गिरधर की वापसी के बाद सबसे बड़ी पहेली अब गंगनहर से मिले उस शव की बन गई है। पुलिस उसकी असली पहचान पता लगाने में जुट गई है। साथ ही यह भी जांच होगी कि शव वहां कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। इस रहस्य से पर्दा उठना अभी बाकी है।

क्या था पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, गिरधर का कुछ लोगों से पहले विवाद हुआ था। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति पर हथौड़े से हमला कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से छूटने के बाद उनके अचानक लापता होने से परिवार परेशान हो गया। बाद में मिले शव को गिरधर मानकर हत्या का मामला दर्ज कराया गया। लेकिन अब गिरधर के लौटने के बाद पूरी कहानी ही बदल गई है।

Location :  Ghaziabad

Published :  26 June 2026, 3:35 PM IST

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