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सुखबीर बादल मामले में नया खुलासा
नई दिल्ली: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा साहिब में जानलेवा हमले से हड़कंप मच गया। बादल गुरुद्वारा माता साहिब देवान जी मुगत के दर्शन के बाद जब वे सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, तो वहां इंतजार कर रहे एक बुजुर्ग निहंग सिंह ने बादल पर कृपाण से हमला कर दिया। इस हमले में बादल के हाथ में चोट आई है। पुलिस ने हमलावर को हिरासत में ले लिया है।
आरोपी की पहचान जसपाल सिंह के रूप में हुई है। वह पिछले करीब दो साल से उसी गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर काम कर रहा था। हमले के समय बादल के पास 'Z-प्लस' सुरक्षा घेरा था।
घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनके दाहिने हाथ में चोट आई है और दो से तीन टांके लगाए गए हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी और तख्त सचखंड श्री हजूर अचलनगर साहिब गुरुद्वारे के पूर्व सचिव रविंदर सिंह बुंगई ने बताया कि बादल सीढ़ियों से नीचे उतरकर उस जगह पहुंचे थे, जहां श्रद्धालु अपने पैर धोते हैं। इसी दौरान अचानक हमला हुआ।
बुंगई ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर गुरुद्वारे की यात्रा के दौरान हमला होना शर्मनाक है, खासकर तब जब वह Z-प्लस सुरक्षा में हो. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का सिख समुदाय इस हमले की कड़ी निंदा करता है। पुलिस और ATS अब आरोपी के हमले के पीछे के मकसद और उसके पूरे बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं।
कौन हैं सुखबीर बादल पर हमला करने वाला आरोपी
सुखबीर बादल पर हमला करने वाला आरोपी जसपाल सिंह पुणे का रहने वाला है। वह दो साल पहले घर से निकला था और नांदेड़ के गुरुद्वारे में सेवादार (वॉलंटियर) के तौर पर काम कर रहा था। जहां वह स्वेच्छा से सेवा करता था और अकेले रहता था। उसका पूरा परिवार पुणे में रहता है। उसके पास बीकॉम और एलएलबी की डिग्री है।
पुलिस ने बताया कि अभी तक कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। पुलिस ने बताया कि जसपाल सिंह की पत्नी और एक विवाहित बेटी है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी फिलहाल अपने एक रिश्तेदार के साथ रह रही हैं।
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आरोपी ने क्या कहा
इस बीच आरोपी ने कबूल किया कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर उसके मन में गुस्सा था। इस दावे की सच्चाई की अभी जांच की जा रही है। घटना को किसी गैंग या संगठन से जोड़ने वाला कोई सबूत अभी तक नहीं मिला है और हमले के पीछे का मकसद भी साफ नहीं है। पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने कहा कि जांच के बाद ही असली वजह पता चल पाएगी। उन्होंने बताया कि ATS और स्थानीय पुलिस मिलकर जांच कर रहे हैं।
बता दें कि सुखबीर बादल पर यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में उन पर गोली चलाई गई थी। पुलिसकर्मी की तत्परता से उनकी जान बच गई थी। नांदेड़ हमले के बाद सुखबीर बादल के राजनीतिक और धार्मिक विवादों का पुराना अध्याय एक बार फिर चर्चा में है। इनमें सबसे प्रमुख नाम डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का है।
Location : New Delhi
Published : 14 August 2026, 3:30 AM IST