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पीड़ित दंपति (Img: Dynamite News)
Ghaziabad: गाजियाबाद में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 84 वर्षीय रिटायर्ड बैंक मैनेजर और उनकी पत्नी से 2.19 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। खुद को ईडी अधिकारी और जज बताने वाले आरोपियों ने वीडियो कॉल पर आठ घंटे तक दंपत्ति को डराकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गाजियाबाद में साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 84 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति से 2.19 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी और दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाया। इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर कथित जज के सामने ऑनलाइन पेशी कराई और संपत्ति जब्त करने की बात कहकर दंपत्ति को घंटों तक मानसिक दबाव में रखा। इसी दौरान अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
पीड़ित रामप्रकाश गाजियाबाद के रामप्रस्थ कॉलोनी के रहने वाले हैं और बैंक से रिटायर्ड मैनेजर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पास व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने अपना नाम विजय खन्ना बताते हुए खुद को दिल्ली के दरियागंज थाने का पुलिसकर्मी बताया। आरोपी ने कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है और केनरा बैंक के एक खाते से उनके नाम पर 6.8 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। जब रामप्रकाश ने आरोपों से इनकार किया तो उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाया गया और कहा गया कि यदि वह जांच में सहयोग करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
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पीड़ित ने बताया कि इसके बाद उन्हें करीब आठ घंटे तक लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रखा गया। इस दौरान एक व्यक्ति ने खुद को ईडी अधिकारी रोहित गुप्ता बताया, जबकि एक महिला ने स्वयं को जज नागराजन बताकर वीडियो कॉल पर बातचीत की। कथित जज ने कहा कि जमानत से पहले बैंक खातों और पूरी संपत्ति की जांच होगी। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया गया कि सत्यापन पूरा होने के बाद पूरी रकम वापस कर दी जाएगी।
ठगों ने अलग-अलग चरणों में रामप्रकाश से पांच ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 2.19 करोड़ रुपये कर्नाटक, कोलकाता समेत विभिन्न राज्यों के चार बैंक खातों में जमा करा लिए। इनमें 50 लाख रुपये से अधिक की एकल ट्रांजेक्शन भी शामिल है। पैसे ट्रांसफर होने के बाद जब आरोपियों से संपर्क नहीं हो पाया, तब बुजुर्ग दंपत्ति को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ।
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पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती या पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश नहीं दिए जाते। ऐसे किसी भी कॉल पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
Location : Ghaziabad
Published : 27 June 2026, 11:31 AM IST
Topics : cyber crime ED Scam ghaziabad news Online Fraud UP News