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प्रतीकात्मक फोटो (IMG: Dynamite News)
Ghaziabad News: पत्नी की हत्या करने के बाद उसके शव को छिपाया, फिर खुद ही परिवार वालों को फोन कर गुमशुदगी की कहानी सुनाई। लेकिन पुलिस की जांच में जब शक की सुई उसी पति पर घूमी तो पूरा मामला खुल गया। भोजपुर थाना क्षेत्र के फजलगढ़ गांव में हुए अंजू हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी पति दिनेश कुमार को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला 25 जनवरी 2023 की रात का है, जब फजलगढ़ गांव में अंजू की हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि पति दिनेश कुमार को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक के चलते उसने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद दिनेश ने शव को घर के एक कमरे में गन्ने की पत्तियों और अगोलों के बीच छिपा दिया। इसके बाद उसने वारदात को छिपाने के लिए एक साजिश रची।
अगले दिन 26 जनवरी की रात करीब 12 बजे दिनेश शव को गांव के पास गंदे नाले और तालाब के किनारे ले गया। वहां उसने गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया। पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने शव के ऊपर मिट्टी डालकर वहां बाजरा भी बो दिया। हत्या के बाद आरोपी ने ऐसा दिखाने की कोशिश की जैसे उसकी पत्नी अचानक कहीं गायब हो गई हो।
दिनेश ने अपनी पत्नी अंजू की बहन को फोन कर पूछा कि क्या अंजू उसके घर आई है। जब वहां से मना किया गया तो उसने कहा कि उसे नहीं पता अंजू कहां चली गई है। इसके बाद उसने अपनी सास को भी फोन कर यही बात बताई। सास ने जब उसे पुलिस को सूचना देने की सलाह दी तो दिनेश ने पुलिस को पत्नी के लापता होने की जानकारी दी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पति दिनेश की भूमिका पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव भी बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने मामले में जुटाए गए सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
विशेष गैंग्स्टर एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश सुशील कुमार-चतुर्थ ने मामले की सुनवाई करते हुए दिनेश कुमार को पत्नी की हत्या का दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत के फैसले के बाद अंजू हत्याकांड में करीब तीन साल पुराने मामले का कानूनी अंत हो गया।
Location : Ghaziabad
Published : 18 September 2026, 8:16 PM IST