देवरिया फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले में दिल्ली पुलिस की एंट्री, CMO कार्यालय में घंटों पूछताछ

देवरिया में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस कर रही है। दिल्ली स्पेशल स्टाफ नॉर्थ की टीम ने CMO कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ की और नोटिस जारी किए...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 18 September 2026, 7:07 PM IST
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Kanpur News: फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों के जरिए नियमों को ताक पर रखने के आरोपों की जांच अब देवरिया से निकलकर दिल्ली तक पहुंच गई है। मामले की पड़ताल के लिए शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ नॉर्थ टीम अचानक देवरिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंची। पुलिस टीम के पहुंचते ही कार्यालय में हलचल बढ़ गई और कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई।

CMO कार्यालय पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम ने देवरिया CMO कार्यालय पहुंचकर दिव्यांग प्रमाण पत्रों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया क्या थी और इसमें किन-किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही। जांच के दौरान पुलिस टीम ने दिव्यांग लिपिक, ऑपरेटर और नोडल अधिकारी से पूछताछ की। अधिकारियों से प्रमाण पत्रों के रिकॉर्ड, जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली गई।

प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर पूछे गए सवाल

दिल्ली पुलिस की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि जिन दिव्यांग प्रमाण पत्रों को लेकर सवाल उठे हैं, वे कहां से जारी हुए और उनकी जांच प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के बाद संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। उन्हें जांच में सहयोग करने के लिए अलग-अलग तारीखों पर दिल्ली बुलाया गया है, जहां उनसे मामले से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी ली जा सकती है।

CMO ने भी की टीम के आने की पुष्टि

देवरिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके सिन्हा ने भी दिल्ली पुलिस की टीम के कार्यालय आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि टीम प्रमाण पत्रों से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए आई थी। पुलिस अधिकारियों ने प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया और उससे जुड़े तथ्यों के बारे में जानकारी मांगी। सीएमओ कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस की पड़ताल में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में किस स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई।फिलहाल जांच एजेंसी की नजर दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों के बयानों पर टिकी हुई है।

Location :  Deoria

Published :  18 September 2026, 6:50 PM IST

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