रायबरेली डकैती और मां-बेटे हत्याकांड में 9 साल बाद फैसला, पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में नौ साल पुराने डकैती और मां-बेटे की हत्या के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 18 September 2026, 5:15 PM IST
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रायबरेली: जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे रानी मजरे तिलोई में वर्ष 2017 में हुई डकैती और मां-बेटे की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

24 मई 2017 को हुई थी वारदात

मामला 24 मई 2017 का है, जब पूरे रानी मजरे तिलोई गांव में श्यामा और उनके बेटे मदन की हत्या कर घर में डकैती की गई थी।

घटना की सूचना बब्बन ने पुलिस को दी थी। पुलिस ने जांच के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से लूटे गए सामान की बरामदगी का दावा किया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी सुरेश उर्फ मनोज की मौत हो गई, जिसके बाद पांच आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही।

पांच आरोपियों को कोर्ट ने माना दोषी

अदालत ने मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे गढ़ी अलादीन मजरे भीखूपुर निवासी ओमप्रकाश उर्फ जगदीश, कल्लू उर्फ वीरेंद्र, टिल्कू उर्फ समर बहादुर और महाराजगंज क्षेत्र के असनी गांव निवासी आशीष उर्फ नन्हा और मुकेश उर्फ अरविंद को दोषी ठहराया।

कोर्ट ने सभी पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार, ओमप्रकाश, कल्लू और टिल्कू इन्हौना थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं।

नौ साल तक परिवार करता रहा इंसाफ का इंतजार

मां श्यामा और छोटे भाई मदन की हत्या के बाद बब्बन और उनका परिवार करीब नौ साल तक न्याय का इंतजार करता रहा।

परिवार के अनुसार, मुकदमे की पैरवी के दौरान आरोपियों की ओर से दबाव और प्रलोभन देने की कोशिशें हुईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार कानूनी लड़ाई जारी रखी।

फैसले के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। बब्बन ने कहा कि देर से ही सही, लेकिन हत्यारों को सजा मिल गई।

पीड़ित परिवार को मिली राहत

परिवार ने बताया कि मृतक मदन की पत्नी गायत्री और उनका 12 वर्षीय दिव्यांग बेटा सक्षम घटना के बाद से मायके में रह रहे हैं।

वहीं, रायबरेली पुलिस अधीक्षक सरवण टी. ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस प्रभावी पैरवी कर रही है। इस मामले में भी अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय कर अदालत में मजबूत पैरवी की गई।

Location :  Raebareli

Published :  18 September 2026, 5:15 PM IST

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