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फतेहपुर जिला अस्पताल के एनआइसीयू वार्ड में लापरवाही (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक बेहद संवेदनशील और मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिला अस्पताल के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले एनआइसीयू (नवजात शिशु कक्ष) वार्ड में गंभीर लापरवाही का मामला उजागर हुआ है, जहां घंटों तक बिजली गुल रहने से नवजात बच्चों की जान पर संकट के बादल मंडराते नजर आए। अस्पताल प्रशासन की इस व्यवस्थागत नाकामी ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खोल दी है।
सामने आए एक वायरल वीडियो के जरिए इस पूरी घटना की भयानक तस्वीर दुनिया के सामने आई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि जिस एनआइसीयू वार्ड में बेहद नाजुक और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं का इलाज किया जाता है, वहां पूरी तरह से घुप अंधेरा छाया हुआ था। यह कोई सामान्य वार्ड नहीं है, बल्कि वह स्थान है जहां जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे बच्चों को विशेष देखरेख की जरूरत होती है। इस भीषण अंधेरे के बीच बच्चे और उनके बेबस परिजन घंटों तक इस नरकीय स्थिति को झेलने के लिए मजबूर रहे।
अस्पताल के इस महत्वपूर्ण खंड में बिजली का न होना सीधे तौर पर मासूमों की सांसों से खिलवाड़ के समान है। एनआइसीयू वार्ड में बच्चों को जीवित रखने और उनके शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए वार्मर, इनक्यूबेटर और अन्य कई प्रकार की लाइफ-सेविंग मशीनें उपयोग में लाई जाती हैं। ये सभी जीवनरक्षक उपकरण पूरी तरह से विद्युत आपूर्ति पर आधारित होते हैं। वार्ड में घंटों तक बिजली गुल रहने के कारण वहां मौजूद प्रकाश का एकमात्र सहारा केवल एक इमरजेंसी लाइट थी, जो इस गंभीर संकट से निपटने के लिए नाकाफी साबित हो रही थी।
इस भयावह परिस्थिति के बीच बच्चों के परिजन गहरे सदमे और भय के माहौल में अपने नौनिहालों के पास लाचार बैठे नजर आए। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इतने बड़े जिला अस्पताल में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई ठोस पावर बैकअप या जनरेटर की व्यवस्था मौजूद नहीं है? यदि जनरेटर या बैकअप की सुविधा थी, तो अस्पताल के सबसे क्रिटिकल वार्ड में तुरंत बिजली बहाल क्यों नहीं की गई? इस प्रकार की लापरवाही किसी भी पल एक बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
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इस मामले के सामने आने के बाद अब जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मासूम बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाली इस अमानवीय लापरवाही का तुरंत संज्ञान लिया जाना आवश्यक है। जनता और परिजनों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि दोषी पाए जाने वाले लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।
Location : Fatehpur
Published : 1 October 2026, 8:39 AM IST
Topics : District Hospital Fatehpur Fatehpur CMO fatehpur news NICU Ward Power Cut UP Health Department