मेरठ से उत्तराखंड तक हड़कंप : भाजपा MLC धर्मेंद्र भारद्वाज के कॉलेजों की संपत्तियां कुर्क? ED जांच में खुला बड़ा राज

उत्तराखंड के एससी-एसटी छात्रवृत्ति घोटाले में ईडी ने बड़ा एक्शन लेते हुए मेरठ और उत्तराखंड के तीन शिक्षण संस्थानों की 13.83 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। जांच में फर्जी छात्रों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का खुलासा हुआ है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 17 June 2026, 6:27 PM IST
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Meerut : उत्तराखंड में कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए चलाई जा रही पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं का मामला सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन शिक्षण संस्थानों की 13.83 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर दी हैं। यह कार्रवाई उत्तराखंड और मेरठ में एक साथ की गई है। जिससे शिक्षा जगत में हलचल तेज हो गई है।

किन संस्थानों पर कार्रवाई

ईडी ने मेरठ स्थित महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की स्थित आरआईएमएस और हरिद्वार की मदरहुड इंस्टीट्यूट से जुड़ी संपत्तियों को कुर्क किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन संस्थानों के जरिए छात्रवृत्ति योजना में भारी अनियमितताएं की गईं और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

2,895 फर्जी दावों का खुलासा

जांच में सामने आया कि वर्ष 2011-12 से 2016-17 के बीच कुल 6,208 छात्रवृत्ति दावे प्रोसेस किए गए, जिनमें से 2,895 दावे फर्जी पाए गए। इनमें अनुपस्थित छात्र, परीक्षा में फेल छात्र, विश्वविद्यालय में नामांकित न होने वाले और डुप्लीकेट छात्रों के नाम शामिल थे। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 27.98 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि वितरित की गई।

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कैसे हुआ धन का दुरुपयोग

ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि छात्रवृत्ति की राशि पहले छात्रों और संस्थानों के खातों में ट्रांसफर की गई और बाद में उसे वापस निकालकर संस्थानों या संबंधित ट्रस्टों में डायवर्ट कर दिया गया। कई स्तरों पर लेन-देन कर धन के स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया और इस पैसे से अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

जांच के जांच के दायरे में कई बड़े नाम

जांच के दौरान कुछ शैक्षणिक सोसायटियों और ट्रस्टों की भूमिका भी सामने आई है। ईडी ने यह भी पाया कि कई संस्थानों में छात्रों के नाम पर बैंक खाते खोलकर धन का नियंत्रण कॉलेज प्रबंधन के पास रखा गया था।

राजनीतिक हलचल भी तेज

इस मामले में मेरठ के भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज का नाम भी सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि उनका इन संस्थानों से कोई संबंध नहीं है और उनका नाम गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है।

ईडी का बयान

ईडी ने कहा है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों और व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाएगी। एजेंसी का फोकस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

Location :  Meerut

Published :  17 June 2026, 11:52 AM IST

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