Deoria News: ओमान में मृत नाविक को शहीद का दर्जा देने के लिए सत्याग्रह, जानिए क्या हैं उनकी मांग?

देवरिया में ओमान में मृत नाविक शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी सत्याग्रह जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने एक करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और बच्चों की शिक्षा की मांग उठाई।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 20 June 2026, 6:20 PM IST
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Deoria: ओमान में एक शिपिंग कंपनी में कार्यरत भारतीय नाविक शिवानंद चौरसिया की मौत के बाद उन्हें शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर देवरिया में चल रहा न्याय सत्याग्रह लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। सुभाष चौक पर आयोजित धरने में परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से सम्मानजनक मुआवजा, सरकारी नौकरी और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

न्याय सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे युवा सामाजिक कार्यकर्ता रजत सिंह ने कहा कि सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई गई है, जिसका परिवार स्वागत करता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाज कंपनी द्वारा कराया गया लगभग 95 लाख रुपये का बीमा परिवार का कानूनी अधिकार है, इसे सरकारी मुआवजा या उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में परिवार के साथ खड़ी है तो उसे अलग से सम्मानजनक आर्थिक सहायता और पुनर्वास पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।

केंद्र सरकार की जिम्मेदारी तय करने की मांग

सत्याग्रह कर रहे लोगों का कहना है कि शिवानंद चौरसिया की मौत केवल एक व्यक्तिगत दुर्घटना नहीं है, बल्कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार अपने नागरिकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है, इसलिए इस मामले में उसकी नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है।

प्रशासन के रवैये पर उठाए सवाल

धरना दे रहे लोगों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के रवैये पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि परिवार को जिस संवेदनशीलता और सहयोग की जरूरत थी, वह अब तक दिखाई नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पीड़ित परिवार को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

देश की अर्थव्यवस्था में नाविकों की अहम भूमिका

सत्याग्रह में शामिल वक्ताओं ने कहा कि भारतीय नाविक और समुद्री कर्मी देश की आर्थिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। समुद्री मार्गों से तेल, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में उनकी बड़ी भूमिका होती है। ऐसे कर्मियों के योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए और संकट की घड़ी में उनके परिवारों को सरकार का पूरा सहयोग मिलना चाहिए।

ये हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें

सत्याग्रह कर रहे लोगों ने सरकार से चार प्रमुख मांगें रखी हैं

  1. स्वर्गीय शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा दिया जाए।
  2. परिवार को एक करोड़ रुपये का सरकारी मुआवजा दिया जाए।
  3. परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
  4. बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार वहन करे।
  5. मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन।

आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक सरकार की ओर से लिखित और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक न्याय सत्याग्रह जारी रहेगा। दूसरे दिन के धरने में रजत सिंह, अशोक कुशवाहा, विजय शेखर मल्ल, सतीश साहनी, जय मौर्य, इंद्रेश, नीरज, प्रियेश, गोविंद मिश्रा, अविनाश चौरसिया, विक्रांत पांडे, विवेक मिश्रा, सूफी सलीम, शम्स आरफीन और अब्दुल गनी समेत कई लोग मौजूद रहे।

Location :  Deoria

Published :  20 June 2026, 5:40 PM IST

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