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महराजगंज के फरेंदा थाना में आयोजित समाधान दिवस में डीएम और एसपी ने जनसमस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित व निष्पक्ष निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान थाना परिसर का निरीक्षण भी किया गया और पारदर्शिता पर जोर दिया गया।
डीएम संतोष शर्मा और एसपी सोमेंद्र मीणा
Maharajganj: थाने का गेट खुलते ही भीड़, हाथों में शिकायतों के कागज और चेहरे पर न्याय की उम्मीद… लेकिन इस बार माहौल अलग था। फरेंदा थाना परिसर में जैसे ही जिले के दो सबसे बड़े अफसर पहुंचे, सिस्टम की सुस्ती पर सीधा वार होता दिखा। फाइलों में दबे मामलों और लंबित शिकायतों पर सख्ती का संदेश साफ था। अब देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। महराजगंज के फरेंदा में आयोजित थाना समाधान दिवस में प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया।
महराजगंज के फरेंदा थाना परिसर में आयोजित समाधान दिवस के मौके पर डीएम संतोष शर्मा और एसपी सोमेंद्र मीणा खुद मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और हर शिकायत को ध्यान से परखा। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे और अपने प्रार्थना पत्र अधिकारियों के सामने रखे।
समाधान दिवस के दौरान राजस्व, जमीन विवाद, पुलिस कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं। डीएम संतोष कुमार शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी मामले को लंबित न रखा जाए और तय समय में उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए। वहीं एसपी सोमेंद्र मीणा ने पुलिस से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि हर शिकायत का निस्तारण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
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जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों का रुख सख्त नजर आया। एसपी सोमेंद्र मीणा ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित पुलिस और राजस्व अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि हर मामले का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। यह भी स्पष्ट किया गया कि अगर किसी भी शिकायत में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।
समाधान दिवस की खास बात यह रही कि कई मामलों में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम और एसपी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बुलाकर समस्याओं के समाधान के लिए निर्देशित किया, जिससे फरियादियों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद जगी। इससे यह संदेश भी गया कि अब शिकायतों को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनसुनवाई के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान आगंतुक पंजी, अपराध रजिस्टर, मालखाना, शस्त्र रजिस्टर और महिला हेल्प डेस्क की गहन जांच की गई। साथ ही CCTNS पोर्टल से जुड़े रिकॉर्ड को भी परखा गया। अधिकारियों ने थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि सभी अभिलेखों का सही रखरखाव किया जाए और उन्हें समय-समय पर अपडेट रखा जाए, ताकि किसी भी जांच में कोई कमी न रहे।