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महराजगंज में नेपाल के बर्ड फ्लू मामलों के बाद प्रशासन हाई अलर्ट मोड में है। चार तहसीलों में 27 पशु चिकित्सा अधिकारियों की रैपिड रिस्पांस टीम सक्रिय की गई। कुक्कुट पालकों और व्यापारियों को सतर्क रहने और बीमारी की सूचना देने की सलाह दी गई। नेपाल सीमा से आने वाले अंडे और पोल्ट्री उत्पादों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
बर्ड फ्लू (Img: Google)
Maharajganj: नेपाल के झापा, मोरंग और सुनसरी जिलों में बर्ड फ्लू (Avian Influenza) की पुष्टि के बाद सीमावर्ती महराजगंज जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के निर्देश पर जिले की चारों तहसीलों में चार रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में कुल 27 पशु चिकित्सा अधिकारियों को तैनात किया गया है। जिन्हें किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
बीमारी का खतरा और निगरानी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नेपाल से सटे होने के कारण महराजगंज में बर्ड फ्लू के फैलने की आशंका अधिक है। इसी को ध्यान में रखते हुए रोकथाम, नियंत्रण और निगरानी के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है।
बीमारी की गंभीरता
बर्ड फ्लू अत्यंत संक्रामक और जूनोटिक (जानवरों से इंसानों में फैलने वाली) बीमारी है। यह पोल्ट्री उद्योग के लिए बड़ा खतरा बन सकता है और भारी संख्या में पक्षियों की मौत का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस कम तापमान में तेजी से फैलता है लेकिन साल के किसी भी समय सक्रिय हो सकता है।
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सख्त दिशा-निर्देश और सतर्कता
सभी पशु चिकित्साधिकारियों को विभागीय एक्शन प्लान के अनुसार सख्ती से सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कुक्कुट पालकों, व्यापारियों और वन्यजीव से जुड़े लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यदि कहीं पक्षियों में अचानक बीमारी या मौत होती है तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्साधिकारी को सूचना देने को कहा गया है।
संसाधनों और सीमा निगरानी की व्यवस्था
जिला स्तर पर नियमित समीक्षा के साथ-साथ पीपीई किट, मास्क, दवाइयों और डिसइन्फेक्टेंट की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। नेपाल सीमा से आने वाले अंडे और कुक्कुट उत्पादों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद ने बताया कि जिले की सभी टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं और हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।