क्या सच में प्रतीक यादव ने अपनी वसीयत का एक प्रतिशत भी अपर्णा यादव को नहीं दिया? बेटियों से प्यार और बीवी से…

प्रतीक यादव के निधन के बाद उनकी कथित वसीयत को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव ने अपनी पूरी संपत्ति दोनों बेटियों के नाम कर दी थी, जबकि पत्नी अपर्णा यादव का जिक्र नहीं किया गया। हालांकि, अब तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 15 May 2026, 7:58 PM IST
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Lucknow: प्रतीक यादव के निधन के बाद अब उनकी वसीयत को लेकर नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि आखिर प्रतीक यादव ने अपनी संपत्ति को लेकर ऐसा फैसला क्यों लिया। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी थी, जबकि पत्नी अपर्णा यादव का नाम वसीयत में शामिल नहीं किया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही वसीयत की सार्वजनिक पुष्टि हुई है।

बेटियों के लिए रखी गईं खास शर्तें

सूत्रों के मुताबिक वसीयत में संपत्ति को लेकर कुछ विशेष शर्तें भी रखी गई हैं। दावा है कि बड़ी बेटी को 25 से 27 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही संपत्ति बेचने या उस पर पूर्ण अधिकार इस्तेमाल करने की अनुमति होगी। तब तक वह संपत्ति का उपयोग तो कर सकेगी, लेकिन उसे बेच नहीं पाएगी।

इसी शर्त को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी कम उम्र में ही प्रतीक यादव ने अपनी संपत्ति को लेकर इतनी विस्तृत योजना क्यों बनाई थी।

पहले भी सामने आई थीं रिश्तों में तनाव की चर्चाएं

दरअसल इसी साल की शुरुआत में प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के रिश्तों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आई थी। सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव की ओर से कुछ पोस्ट और टिप्पणियां सामने आई थी, जिनके बाद दोनों के बीच मतभेद की अटकलें तेज हो गई थी। एक पोस्ट में अपर्णा यादव को कथित तौर पर “फैमिली डेस्ट्रॉयर” तक कहा गया था। इसके बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थी।

हालांकि बाद में जनवरी के अंतिम दिनों में प्रतीक यादव ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि दोनों के बीच कुछ कहासुनी जरूर हुई थी, लेकिन अब हालात सामान्य हैं। उस बयान के बाद विवाद कुछ समय के लिए शांत हो गया था।

अब फिर उठने लगे सवाल

अब जब वसीयत की बातें सामने आ रही हैं तो लोग इसे पुराने विवादों से जोड़कर भी देख रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनी कि प्रतीक यादव ने अपनी पूरी संपत्ति बेटियों के नाम कर दी और पत्नी का नाम शामिल नहीं किया। फिलहाल इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं हुआ है। लेकिन सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी ने यादव परिवार और उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का नया दौर शुरू कर दिया है।

Location :  Lucknow

Published :  15 May 2026, 7:58 PM IST

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