CBI का नया AI हथियार ‘ABHAY’… मिनटों में पता चलेगा नोटिस असली है या फर्जी

साइबर ठगी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे बढ़ते मामलों के बीच CBI ने AI आधारित हेल्पबॉट ‘ABHAY’ लॉन्च किया है। यह सिस्टम नागरिकों को CBI के नाम पर आने वाले नोटिस की असलियत जांचने में मदद करेगा। CBI का कहना है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी व्यवस्था भारत में मौजूद नहीं है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 15 May 2026, 7:14 PM IST
google-preferred

New Delhi: Central Bureau of Investigation यानी CBI ने साइबर अपराध और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे बढ़ते फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने AI आधारित हेल्पबॉट ‘ABHAY’ लॉन्च किया है, जो CBI के नाम पर भेजे गए नोटिस की असलियत जांचने में मदद करेगा। CBI का दावा है कि यह अपनी तरह का पहला रियल टाइम नोटिस वेरिफिकेशन सिस्टम है।

क्या है ABHAY सिस्टम?

CBI के मुताबिक ABHAY एक AI-पावर्ड हेल्पबॉट है, जिसे खासतौर पर फर्जी नोटिस और साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए तैयार किया गया है। हाल के दिनों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आए हैं, जहां जालसाज खुद को जांच एजेंसी या पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और पैसे ऐंठ लेते हैं।

एजेंसी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीपफेक और एडवांस टेक्नोलॉजी के कारण अब असली और नकली दस्तावेजों में फर्क करना आम लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। इसी खतरे को देखते हुए यह नया सिस्टम शुरू किया गया है।

कैसे काम करेगा हेल्पबॉट?

नागरिक CBI Official Website पर जाकर ABHAY का इस्तेमाल कर सकते हैं। वेबसाइट के होमपेज पर मौजूद ABHAY लोगो पर क्लिक करने के बाद यूजर को अपने मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बाद CBI के नाम पर मिले नोटिस की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। AI हेल्पबॉट नोटिस की जांच कर बताएगा कि वह असली है या संभावित रूप से फर्जी।

क्या होता है ‘डिजिटल अरेस्ट’ फ्रॉड?

CBI ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई कानूनी व्यवस्था भारत में नहीं है। साइबर ठग पहले फर्जी नोटिस भेजते हैं और दावा करते हैं कि पीड़ित किसी अपराध में शामिल है। इसके बाद वीडियो कॉल या फोन पर डराकर कई दिनों तक कथित “डिजिटल निगरानी” में रखा जाता है और फिर पैसों की मांग की जाती है। जालसाज खुद को CBI, पुलिस, ED, RBI या किसी दूसरी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। कई मामलों में फर्जी गिरफ्तारी वारंट और कोर्ट नोटिस तक भेजे जाते हैं।

CBI ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

CBI ने नागरिकों से कहा है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, नोटिस या निवेश योजना के झांसे में न आएं। अगर कोई व्यक्ति खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करे तो घबराएं नहीं और तुरंत उसकी जांच करें। एजेंसी ने यह भी कहा कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या संबंधित अधिकारियों को दें। साथ ही बैंकिंग और टेलीकॉम सिस्टम का दुरुपयोग कर साइबर अपराधियों की मदद करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

Location :  New Delhi

Published :  15 May 2026, 7:14 PM IST

Advertisement