उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को बड़ा झटका! सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया राहत वाला आदेश, हाई कोर्ट को दिया 60 दिनों का समय

उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मिली राहत पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा निलंबित करने वाले आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही हाई कोर्ट को दो महीने के भीतर मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया गया है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 15 May 2026, 1:20 PM IST
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New Delhi: उत्तर प्रदेश के चर्चित उन्नाव रेप केस में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ आया है। रेप, सत्ता के दबाव, पीड़िता के परिवार पर कथित हमले और मौतों से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व भाजपा विधायक Kuldeep Singh Sengar को मिली राहत पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित किया गया था। इस फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को दिए नए निर्देश

देश की सर्वोच्च अदालत में मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस Surya Kant और जस्टिस Joymalya Bagchi की पीठ ने की। कोर्ट ने साफ कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले में दो महीने के भीतर नए सिरे से फैसला करे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट दोबारा सुनवाई करते समय शीर्ष अदालत के फैसले से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र रूप से निर्णय ले। इससे पहले सीबीआई ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। उसी पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।

2017 में सामने आया था पूरा मामला

यह मामला जून 2017 का है, जब उन्नाव की एक 17 वर्षीय किशोरी ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे अपने घर बुलाया और दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप था कि विधायक के राजनीतिक प्रभाव के चलते पुलिस ने शुरुआत में उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं की। लगातार गुहार के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने मार्च और अप्रैल 2018 में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। इसके बाद 9 अप्रैल 2018 को सेंगर के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया।

पिता की मौत और सड़क हादसे ने बढ़ाई सनसनी

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब पीड़िता के पिता को जेल भेजा गया और हिरासत के दौरान उनकी मौत हो गई। बाद में इस पूरे केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। जुलाई 2018 में कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार किया गया, जबकि भाजपा ने भी उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। इसके बाद जुलाई 2019 में पीड़िता, उसके वकील और परिवार को ले जा रही कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में पीड़िता की दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी। परिवार ने इसे सुनियोजित साजिश बताया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूरी सुनवाई दिल्ली ट्रांसफर कर दी थी।

दिल्ली कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद

दिसंबर 2019 में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। वहीं पीड़िता के पिता की मौत के मामले में भी सेंगर को अतिरिक्त 10 साल की सजा दी गई थी।

Location :  New Delhi

Published :  15 May 2026, 1:20 PM IST

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