पेट्रोल-डीजल के रेट के बाद अब बढ़ेगा ऑटो-टैक्सी का किराया, जानें कितना महंगा होगा Delhi-NCR वालों के लिए ऑफिस जाना

दिल्ली में सीएनजी की कीमत बढ़ने के बाद ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग उठाई है। यूनियनों का कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों और मेंटेनेंस खर्च के कारण चालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। अगर सरकार प्रस्ताव मान लेती है तो रोजाना सफर करने वालों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 15 May 2026, 1:34 PM IST
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New Delhi: दिल्ली में रोजाना ऑटो और टैक्सी से सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा झटका लग सकता है। सीएनजी के बढ़ते दामों के बाद ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। अगर दिल्ली सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी तो ऑफिस, कॉलेज और बाजार जाने का खर्च पहले से ज्यादा हो जाएगा। खासकर रोजाना सफर करने वाले लोगों की जेब पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।

सीएनजी महंगी होने का हवाला

Delhi Auto Rickshaw Sangh और Delhi Pradesh Taxi Union ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर किराया बढ़ाने की मांग की है। यूनियनों का कहना है कि दिल्ली में सीएनजी की कीमत 77.9 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 79.9 रुपये प्रति किलो कर दी गई है। इससे पहले भी अप्रैल और मई 2025 में दाम बढ़ाए गए थे।

यूनियनों के मुताबिक लगातार बढ़ती सीएनजी कीमतों के अलावा टायर, इंजन ऑयल, स्पेयर पार्ट्स और वाहन मेंटेनेंस का खर्च भी काफी बढ़ चुका है। इतना ही नहीं, फरवरी 2026 में ऑटो और टैक्सी की फिटनेस फीस बढ़ाकर 800 रुपये कर दी गई, जिससे चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

ऑटो का न्यूनतम किराया 50 रुपये करने की मांग

ऑटो यूनियन ने सरकार के सामने नया किराया प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पहले 1.5 किलोमीटर का न्यूनतम किराया 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करने की मांग की गई है। वहीं प्रति किलोमीटर किराया 11 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो रोजाना करीब 20 किलोमीटर सफर करने वाले यात्रियों को महीने में लगभग 100 से 110 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। ऐसे में नौकरीपेशा लोगों और छात्रों की मासिक ट्रैवल कॉस्ट बढ़ना तय माना जा रहा है।

टैक्सी से सफर करना भी पड़ेगा भारी

सिर्फ ऑटो ही नहीं, टैक्सी यूनियनों ने भी किराया बढ़ाने की मांग रखी है। प्रस्ताव के मुताबिक नॉन-एसी टैक्सी का किराया 17 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 30 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग की गई है। वहीं एसी टैक्सी का किराया 25 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलोमीटर करने का सुझाव दिया गया है।

इसके अलावा टैक्सी का न्यूनतम किराया 40 रुपये से बढ़ाकर 70 रुपये करने की मांग भी रखी गई है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो रोजाना टैक्सी से ऑफिस आने-जाने वाले लोगों को हर महीने लगभग 250 से 290 रुपये तक ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं।

अब सरकार के फैसले पर नजर

फिलहाल दिल्ली सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों के बीच यह मुद्दा आम लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। आने वाले दिनों में सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर दिल्ली के लाखों यात्रियों की नजर टिकी हुई है।

Location :  New Delhi

Published :  15 May 2026, 1:34 PM IST

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