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मेरठ के कंकरखेड़ा में स्ट्रीट लाइट ठीक करते समय करंट लगने से संविदा कर्मचारी अमित की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोग जिला अस्पताल में धरने पर बैठ गए। अपर नगर आयुक्त मौके पर पहुंची और पांच लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ पत्नी को नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का भरोसा दिलाया गया।
मृतक के परिजनों से बात करते हुए अफसर
Meerut: शनिवार को कंकरखेड़ा में एक बड़ा हादसा हुआ। नगर निगम के स्ट्रीट लाइट सेक्शन में कार्यरत संविदा कर्मचारी अमित (36) फ्लाईओवर के पास खराब लाइट ठीक कर रहे थे, तभी अचानक करंट लगने से वह पोल से नीचे गिर गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही अमित ने दम तोड़ दिया।
परिवार और लोगों का हंगामा
अमित की मौत के बाद उनके परिवार और आसपास के लोग गुस्से में आ गए। परिवार जिला अस्पताल में धरने पर बैठ गया और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पाकर अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
मुआवजा और रोजगार की मांग
व्यापारी नेता जीतू सिंह नागपाल और शैंकी वर्मा ने परिवार के लिए मुआवजा, पत्नी आरती को नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की मांग उठाई। परिवार के चार छोटे बच्चे हैं, और अमित की मौत से उनका पालन-पोषण संकट में आ गया था।
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प्रशासन की कार्रवाई
अपर नगर आयुक्त ने मौके पर पांच लाख रुपये का चेक अमित की पत्नी आरती को सौंपा। उन्होंने आरती को सोमवार को नगर निगम बुलाने का भी आश्वासन दिया, ताकि नौकरी और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जा सके। एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह ने भी बच्चों की पढ़ाई के खर्च पर जल्द समाधान का भरोसा दिया।
तीन घंटे तक जिला अस्पताल में हंगामा
करीब तीन घंटे तक जिला अस्पताल में हंगामा चलता रहा। प्रशासन और व्यापारी नेताओं द्वारा मांगे पूरी करने का आश्वासन देने के बाद परिवार ने धरना समाप्त किया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर मोर्चरी में रखवा दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।