हिंदी
बदायूं के दातागंज में एक पीड़ित भाई अपने मृतक भाई की अस्थियां लेकर न्याय की गुहार लगा रहा है। आरोप है कि जमीन के फर्जी बैनामे और प्रशासनिक लापरवाही के चलते निर्दोष प्रकाश चंद्र की मौत हो गई। पुलिस और राजनीतिक दबाव के चलते आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
भाई की अस्थियां लेकर युवक पहुंचा बदायूं डीएम और एसएसपी के पास
Badaun: शनिवार को दातागंज क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। जिसने कानून और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पीड़ित ओम सिंह अपने मृतक भाई प्रकाश चंद्र की अस्थियां लेकर डीएम और एसएसपी के दरबार में न्याय की गुहार लगा रहे हैं। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता का आईना है।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि प्रकाश चंद्र की जमीन का फर्जी बैनामा उनके ही सगे भाई छविराम की पत्नी राधिका देवी ने अलापुर निवासी नरेशपाल के नाम पर करवा दिया। जब असली मालिक प्रकाश चंद्र जमीन बेचने पहुंचे, तब उन्हें यह फर्जीवाड़ा पता चला। पीड़ित ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई, लेकिन आठ महीने तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पुलिस की मिलीभगत का आरोप
आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत और राजनीतिक दबाव के चलते आरोपी खुलेआम घूम रहे थे और लगातार पीड़ित पर केस वापस लेने का दबाव डाल रहे थे। इसी मानसिक उत्पीड़न और प्रशासनिक लापरवाही ने प्रकाश चंद्र को हार्ट अटैक से मौत के कगार तक ला दिया।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
जब पीड़ित ने अपनी जमीन बेचने का प्रयास किया, तब दबंगों ने रजिस्ट्रार ऑफिस में घुसकर प्रकाश चंद्र का अपहरण करने का प्रयास किया। गला दबाया और बेरहमी से मारपीट की। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को पकड़ा, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें तुरंत छोड़ दिया गया।
एसएसपी और डीएम के पास पहुंचा मामला
शनिवार को ओम सिंह अपने भाई की अस्थियां लेकर डीएम बदायूं और एसएसपी अंकिता शर्मा से न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।